उत्तर प्रदेश अब भारत का सबसे सुरक्षित निवेश स्थल बन गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिक्की मीटिंग में राज्य की अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश बढ़ाने की उपलब्धियां साझा कीं।
लखनऊ (शाह टाइम्स) उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे सुरक्षित और आकर्षक निवेश हब बन चुका है। यह दावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) की नेशनल एग्जीक्यूटिव काउंसिल मीटिंग में किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीति, सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था ने उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
फिक्की की इस अहम बैठक में देशभर से आए उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं के बीच बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आज भारत में अगर कोई राज्य निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल है, तो वह उत्तर प्रदेश है। यह केवल आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह जमीन पर दिखने वाला बदलाव है।”
सशक्त आधारभूत ढांचा और कानून व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 60,200 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की है, जिससे निवेशकों को एक सुरक्षित वातावरण मिला है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डों, रेलवे नेटवर्क और औद्योगिक कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचे में हो रहा व्यापक विकास इस परिवर्तन की रीढ़ बना है।
आज उत्तर प्रदेश देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत और सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क समेटे हुए है। इन परियोजनाओं के साथ-साथ राज्य सरकार 30,000 एकड़ औद्योगिक भूमि बैंक विकसित कर रही है, जिसमें से 4,000 एकड़ भूमि पहले ही निवेशकों को आवंटित की जा चुकी है।
आर्थिक ग्रोथ और निवेश में अभूतपूर्व उछाल
सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद दोगुना हो चुका है, और प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी अवधि में राज्य ने 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है। वर्ष 2024-25 में अकेले 4,000 करोड़ रुपये की औद्योगिक प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है, जो 2017 से 2023 के बीच दिए गए कुल प्रोत्साहन से भी अधिक है।
राज्य में अब तक 9.6 लाख से अधिक नई MSME इकाइयाँ स्थापित हो चुकी हैं, जो रोजगार और आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय लिख रही हैं।
‘निवेश मित्र’ और डिजिटल सुधार
मुख्यमंत्री ने ‘निवेश मित्र’ और ‘निवेश सारथी’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता का भी ज़िक्र किया। इन सिंगल विंडो सिस्टम के ज़रिए अब 500 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे उद्योगपतियों को अनुमति, लाइसेंस और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी हो रही है।
ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में कदम
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। उन्होंने इसे एक ‘साहसी लेकिन समयानुकूल लक्ष्य’ बताया। उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।
फिक्की के सुझाव और समर्थन
फिक्की उत्तर प्रदेश स्टेट काउंसिल के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने दो महत्वपूर्ण सुझाव दिए— जलमार्गों के उपयोग को बढ़ावा देना और औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड में बदलना। उन्होंने कहा कि वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग जैसी परियोजनाएँ माल ढुलाई की लागत में 90% तक की कमी ला सकती हैं। साथ ही 99 साल की लीज़ मॉडल की जगह फ्रीहोल्ड ज़मीन निवेशकों को और आकर्षित करेगी।
फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनंत गोयनका और डायरेक्टर जनरल ज्योति विज ने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में आए परिवर्तन की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उन वैश्विक कंपनियों के लिए एक नया केंद्र बन रहा है, जो चीन के विकल्प की तलाश में हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।