📍 देहरादून, 3 अक्टूबर 2025
✍️ आसिफ़ ख़ान
उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयदशमी पर देहरादून में वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव और रावण दहन में हिस्सा लिया। उन्होंने जनता को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राम के आदर्श हमारे समाज को दिशा देते हैं और सरकार इन्हीं मूल्यों पर चलकर भ्रष्टाचार, नकल माफिया और सांप्रदायिक कट्टरता को समाप्त करने का संकल्प ले रही है।
Dehradun,(Shah Times) । देहरादून के हिन्दू नेशनल स्कूल के प्रांगण में विजयदशमी का उल्लास चारों ओर बिखरा हुआ था। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी और मैदान में खड़े विशाल रावण के पुतले के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच संभाला।
उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
"दशहरा सिर्फ़ एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन का पाथेय है। ये हमें बताता है कि असत्य चाहे कितना भी ताक़तवर क्यों न लगे, सत्य की विजय निश्चित है।"
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल की सराहना की जिन्होंने इस आयोजन को जनजागरण और सांस्कृतिक चेतना का माध्यम बनाया।
धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। एक आदर्श पुत्र, आदर्श पति और आदर्श राजा के रूप में श्रीराम ने जो आदर्श स्थापित किए, वही आज शासन और समाज की दिशा तय करते हैं।
उन्होंने जोड़ा:
"आज जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर खड़ा है, तो यह केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि हमारे युग का सबसे बड़ा सांस्कृतिक गौरव है।"
नीति और संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार "रामराज्य" की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिहाद की विभिन्न प्रवृत्तियों, धर्मांतरण और सांप्रदायिक कट्टरता को समाप्त करने का संकल्प दोहराया।
उन्होंने कहा कि दंगारोधी कानून के ज़रिये दंगाइयों की संपत्ति जब्त की जा रही है और नुकसान की भरपाई उन्हीं से कराई जा रही है।
युवाओं के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे 25,000 से अधिक युवाओं को नौकरी का अवसर मिला। हालिया परीक्षा विवाद पर विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति की आड़ में युवाओं को भड़काने का प्रयास किया गया, लेकिन सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखते हुए सीबीआई जांच की घोषणा की।
शिक्षा सुधार
धामी ने कहा कि राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे जिनमें सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इसका मक़सद यह है कि शिक्षा के नाम पर बच्चों को पुरानी संकीर्ण सोच की ओर धकेलने की बजाय उन्हें आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
भ्रष्टाचार पर वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम कर रही है। पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
उन्होंने जनता से अपील की कि रामराज्य की कल्पना तभी साकार होगी जब नागरिक भी अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता को अपनाएँ।
सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश
समारोह में मौजूद हज़ारों लोगों ने तालियों और नारों से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। रावण दहन के साथ ही आसमान में गूंजते "जय श्रीराम" के स्वर ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास और कई जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
विजयदशमी का पर्व केवल अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक नहीं बल्कि शासन, समाज और राजनीति के लिए भी एक मार्गदर्शक है। मुख्यमंत्री धामी का संबोधन इस बात की ओर इशारा करता है कि उत्तराखण्ड सरकार खुद को रामराज्य की परिकल्पना के करीब दिखाना चाहती है।
सांस्कृतिक चेतना और धार्मिक आस्था के सहारे सरकार अपनी नीतियों को वैध ठहराने की कोशिश करती है। भ्रष्टाचार, नकल माफिया और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर उनका आक्रामक रुख जनता को आकर्षित करता है।
हालाँकि विपक्ष इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से जोड़कर देख सकता है। मदरसा बोर्ड समाप्त करने और "जिहाद" शब्दों के प्रयोग पर राजनीतिक विवाद की गुंजाइश बनी रहती है।
फिर भी, जनमानस में राम के आदर्शों की गहरी छवि है। ऐसे में विजयदशमी जैसे अवसर पर दिया गया यह संदेश जनसंवाद का प्रभावी माध्यम बनता है।
"विजयदशमी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संबोधन, राम के आदर्शों और सुशासन के संकल्प पर केंद्रित। भ्रष्टाचार, नकल माफिया व शिक्षा सुधार पर सरकार का ज़ोर।"
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।