उत्तराखंड में सक्रिय मानसून के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। IMD ने 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 5 जिलों में एहतियातन स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को तैनात कर लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
📍 Location: देहरादून, उत्तराखंड
📰 Date: 28 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
उत्तराखंड में मानसून का कहर, कई जिलों में हाई अलर्ट
उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ समेत 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना है।
बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
5 जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील की है।
यमुनोत्री पैदल मार्ग का हिस्सा धंसा
लगातार बारिश के कारण जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग का एक हिस्सा धंस गया है। इससे चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है और यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से बाधित हुई। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है।
भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार हो रही वर्षा से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा काफी बढ़ गया है। कई सड़कों पर मलबा आने की आशंका है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। SDRF, NDRF और स्थानीय आपदा राहत दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
लोगों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से परहेज करें। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो कुछ और जिलों में भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों से बचने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।