मिलान में महंगाई और बदहाल सेवाओं पर विरोध, पुलिस से झड़प के बाद 32 गिरफ्तार
इटली में युवाओं का गुस्सा क्यों भड़का? मिलान की हिंसा और आर्थिक असंतोष की पड़ताल
मिलान में प्रदर्शन के दौरान दुकानों में लूटपाट, भारतीय नागरिकों के लिए सतर्कता की खबर
इटली में बढ़ती महंगाई, महंगे आवास और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। मिलान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों, दुकानों में लूटपाट और तोड़फोड़ के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख़्त कर दी गई है। हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए एहतियाती एडवाइज़री जारी की है।
मिलान, इटली | 20 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
मिलान में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इटली के प्रमुख आर्थिक और कारोबारी शहर मिलान में महंगाई तथा सार्वजनिक सेवाओं की बदहाल स्थिति के ख़िलाफ़ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने गंभीर क़ानून-व्यवस्था की चुनौती पैदा कर दी है। शनिवार, 17 अक्टूबर को शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद रविवार, 18 अक्टूबर को शहर के कई इलाक़ों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव हुआ। इतालवी पुलिस के मुताबिक़, रविवार की अशांति के दौरान 271 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस थानों तक पहुंचाया गया। इनमें से 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 28 अन्य लोगों के मामलों की जानकारी न्यायिक अधिकारियों को भेजी गई।
सोमवार, 19 अक्टूबर को सामने आए पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में 23 नाबालिग और 13 विदेशी नागरिक शामिल बताए गए हैं। इन दोनों श्रेणियों में कितने लोग एक-दूसरे से संबंधित हैं, इसका अलग विवरण स्पष्ट नहीं किया गया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा में कैसे बदले?
मिलान में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जीवनयापन की बढ़ती लागत, सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति और आर्थिक दबाव जैसे मुद्दों को लेकर हुई थी। प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा हिस्सा अपनी शिकायतें शांतिपूर्ण तरीक़े से सामने रख रहा था।
हालांकि, सप्ताहांत के दौरान कुछ समूहों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव बढ़ गया। रिपोर्टों के मुताबिक़, चेहरे ढके हुए कई प्रदर्शनकारियों ने कूड़ेदानों में आग लगाई, दुकानों के शीशे तोड़े और कारोबारी प्रतिष्ठानों में लूटपाट की।
हालात पर क़ाबू पाने के लिए दंगा-नियंत्रण उपकरणों से लैस पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस और पानी की तेज़ बौछारों का इस्तेमाल किया।
सामने आए वीडियो फुटेज में शहर के कुछ कारोबारी इलाक़ों में तोड़फोड़ और क्षतिग्रस्त दुकानों की तस्वीरें दिखाई दीं। कई प्रतिष्ठानों ने सुरक्षा के मद्देनज़र अपने प्रवेश द्वार और शीशों पर लकड़ी के पैनल लगा दिए।
यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि हिंसा में शामिल समूहों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को एक ही श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
मिलान के कारोबारी इलाक़ों में दहशत, दुकानों ने अपनाए सुरक्षा उपाय
मिलान को यूरोप के प्रमुख फ़ैशन और कारोबारी केंद्रों में गिना जाता है। शहर के प्रसिद्ध विया मोंटेनापोलियोने शॉपिंग इलाक़े में हिंसा के बाद व्यापारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। सोमवार को कई दुकानों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान समय से पहले बंद कर दिए। कुछ लग्ज़री स्टोर ने डिस्प्ले विंडो से महंगे सामान हटा लिए, जबकि अन्य कारोबारियों ने दुकानों को लकड़ी और कार्डबोर्ड से सुरक्षित किया।
रिपोर्टों के मुताबिक़, खेल सामग्री और मोबाइल फ़ोन बेचने वाले कुछ प्रतिष्ठानों में भी लूटपाट हुई।
इस घटनाक्रम का असर स्थानीय कारोबार और सार्वजनिक गतिविधियों पर पड़ा है। हालांकि, कुल आर्थिक नुक़सान का कोई अंतिम, व्यापक आधिकारिक आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।
मिलान के अलावा दूसरे शहरों में भी झड़पें
इटली में अशांति केवल मिलान तक सीमित नहीं रही। बोलोन्या, ब्रेशिया, बेरगामो और ट्यूरिन सहित उत्तरी इटली के दूसरे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन और पुलिस से टकराव की घटनाएं सामने आईं। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक़, शनिवार की घटनाओं के सिलसिले में इन शहरों और मिलान में कुल 28 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इन प्रदर्शनों के पीछे बढ़ते घरेलू ख़र्च, आवास संबंधी परेशानियां और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष जैसे मुद्दे सामने आए हैं। इसी अवधि में पड़ोसी फ्रांस में भी आर्थिक दबाव और सार्वजनिक सेवाओं के मुद्दों पर बड़े विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि, दोनों देशों के आंदोलनों के बीच किसी साझा संगठनात्मक नेतृत्व की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा की
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमलों को अस्वीकार्य बताया। मेलोनी ने सोमवार, 19 अक्टूबर को मंत्रियों और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में हिंसक घटनाओं, पुलिस व्यवस्था और संभावित सुरक्षा उपायों पर विचार किया गया।
सरकार के स्तर पर नाबालिगों की हिंसक गतिविधियों से निपटने के लिए क़ानूनी प्रावधानों को सख़्त करने और युवा गिरोहों के ख़िलाफ़ कार्रवाई बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने भी हिंसा में शामिल समूहों के ख़िलाफ़ सख़्त सरकारी कार्रवाई का संकेत दिया।
हालांकि, विचाराधीन प्रस्तावों और औपचारिक रूप से लागू किए गए क़ानूनी फ़ैसलों के बीच फ़र्क़ करना ज़रूरी है।
मिलान में 500 सैन्यकर्मियों की तैनाती का एलान
इटली के उपप्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी ने मिलान में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने के लिए 500 सैन्यकर्मियों की तैनाती का एलान किया है।
इस फ़ैसले का मक़सद संवेदनशील इलाक़ों में सुरक्षा बढ़ाना और आगे किसी संभावित हिंसक घटना को रोकना बताया गया है।
सरकार के सामने अब सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की हिफ़ाज़त करने की चुनौती भी है।
तैनाती की घोषणा की पुष्टि हुई है, लेकिन सभी सैन्यकर्मियों की ज़मीनी तैनाती पूरी होने की स्थिति का अलग आधिकारिक सत्यापन आवश्यक है।
भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास ने जारी की सुरक्षा एडवाइज़री
इटली में विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए रोम स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार, 19 अक्टूबर को भारतीय नागरिकों के लिए एहतियाती एडवाइज़री जारी की। दूतावास ने इटली में रहने वाले और वहां की यात्रा पर गए भारतीयों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाले इलाक़ों से दूर रहने तथा उन स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है जहां विरोध प्रदर्शन चल रहे हों। भारतीय नागरिकों को स्थानीय हालात और सुरक्षा संबंधी सूचनाओं पर लगातार नज़र रखने की सलाह भी दी गई है। आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
भारतीय दूतावास, रोम: +39 331 614 2085
भारतीय महावाणिज्य दूतावास, मिलान: +39 388 164 7527
दूतावास की एडवाइज़री में इटली की सभी यात्राओं पर प्रतिबंध लगाने या भारतीय नागरिकों को देश छोड़ने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है।
इटली में भारतीय छात्रों और कामगारों के लिए क्या मायने?
इटली में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक शिक्षा, रोज़गार, व्यापार और दूसरे पेशेवर कामों से जुड़े हैं। उत्तरी इटली के औद्योगिक और कारोबारी क्षेत्रों में भी भारतीय समुदाय की मौजूदगी है। ऐसे में मिलान और आसपास के शहरों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी घटनाएं भारतीय नागरिकों के लिए अहम हो जाती हैं।
भारतीय दूतावास की एडवाइज़री का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को संभावित ख़तरे वाले इलाक़ों से दूर रखना और किसी आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराना है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में इन प्रदर्शनों के दौरान किसी भारतीय नागरिक के हताहत होने की पुष्ट सूचना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद स्थानीय हालात को देखते हुए सावधानी बरतना ज़रूरी है।
आर्थिक असंतोष और युवाओं की नाराज़गी के पीछे क्या वजह?
इटली के मौजूदा प्रदर्शनों ने बढ़ती जीवनयापन लागत, आवास के ख़र्च और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता जैसे सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
इन मुद्दों का असर ख़ासतौर पर उन परिवारों और युवाओं पर पड़ता है जिनकी आमदनी के मुक़ाबले रोज़मर्रा के ख़र्च तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी और गिरफ्तार लोगों में नाबालिगों की भागीदारी ने सरकार के सामने सामाजिक असंतोष से निपटने की चुनौती बढ़ा दी है। हालांकि, केवल गिरफ्तारी के आंकड़ों के आधार पर युवाओं की पूरी आबादी या किसी विशेष समुदाय के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। शांतिपूर्ण विरोध और हिंसक गतिविधियों के बीच अंतर बनाए रखना भी इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।