संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई डिप्लोमेट्स ने वॉकआउट किया। नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वालों की आलोचना की और गाजा में इजरायल की कार्रवाई का बचाव किया।
📍 Newyork 🗓️ 25 September 2026 ✍️ Asif Khan
यूएन में नेतन्याहू के भाषण से पहले कई डिप्लोमेट्स का वॉकआउट, बोले- ‘मोरल कायर’
न्यूयॉर्क: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की आम बहस में भाषण दिया। उनके भाषण के दौरान कई देशों के डिप्लोमेट्स के हॉल से बाहर जाने की घटना सामने आई। संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम के अनुसार 81वें सत्र की आम बहस 22 सितंबर से 28 सितंबर तक चल रही है।
भाषण शुरू होते ही वॉकआउट
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक नेतन्याहू 25 सितंबर को महासभा की आम बहस में संबोधन करने वाले प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी 24 सितंबर को उनके संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन की पुष्टि की थी।
आम बहस के दौरान उनके संबोधन से पहले या शुरुआत में कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों को ‘मोरल कायर’ कहा और मौजूद लोगों को भी इसी संदर्भ में संबोधित किया।
गाजा में इजरायल की कार्रवाई का बचाव
अपने भाषण में नेतन्याहू ने गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। आजतक के अनुसार उन्होंने इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोप को खारिज किया और कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोका। यह नेतन्याहू की ओर से दिया गया राजनीतिक और कूटनीतिक पक्ष है, जिसे उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने 22 सितंबर को महासभा के उद्घाटन संबोधन में मध्य पूर्व के संघर्षों, नागरिकों की स्थिति और तनाव कम करने तथा संवाद बढ़ाने की अपील की थी।
ममदानी और पश्चिमी देशों पर भी टिप्पणी
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ममदानी ने पहले नेतन्याहू को ‘वॉर क्रिमिनल’ कहा था, जबकि नेतन्याहू ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया। ममदानी ने इस आरोप को खारिज किया।
नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस समेत कुछ पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। आजतक के अनुसार उन्होंने इन देशों पर इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया।
ईरान और क्षेत्रीय संघर्ष का मुद्दा
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ईरान, गाजा, वेस्ट बैंक और मध्य पूर्व में इजरायल के सामने मौजूद विभिन्न सुरक्षा मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इजरायल के संबंधों की सराहना की।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की इस वर्ष की उच्चस्तरीय बहस का व्यापक एजेंडा वैश्विक सहयोग, शांति, सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 81वें सत्र की आम बहस का विषय “Restoring trust, managing transformation: a United Nations that delivers for all” है।
संयुक्त राष्ट्र में बढ़ता कूटनीतिक मतभेद
नेतन्याहू के भाषण के दौरान हुआ वॉकआउट इजरायल-गाजा संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र में मौजूद गहरे कूटनीतिक मतभेदों के बीच हुआ। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में वॉकआउट करने वाले सभी देशों या प्रतिनिधिमंडलों की पूर्ण सूची स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस रिपोर्ट में उनकी संख्या या सभी देशों के नामों का दावा नहीं किया जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड और प्रसारण मंच से महासभा की बैठक और 25 सितंबर की आम बहस की पुष्टि होती है।
आगे क्या?
संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वें सत्र की आम बहस 28 सितंबर तक जारी रहने वाली है। इस दौरान सदस्य देशों के नेता और प्रतिनिधि वैश्विक शांति, सुरक्षा, y सहयोग और अन्य प्रमुख मुद्दों पर अपने विचार रख रहे हैं।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
संयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू का संबोधन इजरायल-गाजा संघर्ष पर जारी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मतभेदों के बीच हुआ। उनके भाषण के दौरान कई डिप्लोमेट्स का वॉकआउट और उसके बाद नेतन्याहू की प्रतिक्रिया बैठक के प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल रही।