आंखों पर खीरा रखना क्यों माना जाता है फायदेमंद?
आंखों के आसपास की त्वचा शरीर के दूसरे हिस्सों की तुलना में काफी नाजुक होती है। नींद की कमी, अधिक नमक का सेवन, एलर्जी, शरीर में पानी रुकना या उम्र बढ़ने जैसी वजहों से आंखों के नीचे सूजन या पफीनेस दिखाई दे सकती है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, आंखों के नीचे जमा तरल पदार्थ भी इस तरह की सूजन का कारण बन सकता है। ठंडी सिकाई ऐसे मामलों में सूजन की दिखाई देने वाली स्थिति को कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकती है। इसी वजह से ठंडे खीरे के टुकड़ों को आंखों पर रखने का घरेलू तरीका लोकप्रिय है। क्लीवलैंड क्लिनिक भी ठंडे खीरे के टुकड़ों को आंखों के आसपास की पफीनेस कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ठंडे विकल्पों में शामिल करता है।
1. आंखों के आसपास की सूजन में मिल सकती है अस्थायी राहत
खीरे के ठंडे टुकड़े आंखों के आसपास रखने से ठंडक मिलती है। ठंडी सिकाई रक्त वाहिकाओं को कुछ समय के लिए संकुचित कर सकती है, जिससे सूजन और पफीनेस की उपस्थिति कम दिखाई दे सकती है। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ठंडे खीरे के टुकड़े इसी वजह से आंखों के आसपास की पफीनेस कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह प्रभाव आम तौर पर अस्थायी होता है। अगर आंखों के नीचे लगातार सूजन रहती है तो केवल खीरे पर निर्भर रहने के बजाय उसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
2. आंखों के आसपास ठंडक और ताजगी का एहसास
लंबे समय तक स्क्रीन देखने, देर रात तक जागने या थकान के बाद आंखों के आसपास भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे समय में ठंडे खीरे के टुकड़े कुछ देर के लिए ठंडक और आराम का एहसास दे सकते हैं।यह ध्यान रखना जरूरी है कि खीरे के टुकड़े थकी हुई आंखों के मूल कारण का उपचार नहीं करते। पर्याप्त नींद और आंखों को आराम देना भी महत्वपूर्ण है।
3. आंखों के आसपास की त्वचा को नमी मिल सकती है
खीरे में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। ठंडे खीरे के टुकड़े त्वचा के संपर्क में आने पर आंखों के आसपास की त्वचा को थोड़ी देर के लिए ठंडक और नमी का एहसास दे सकते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक भी आंखों पर ठंडे खीरे के टुकड़े रखने को पफीनेस कम करने और त्वचा को हाइड्रेट महसूस कराने वाले उपाय के रूप में बताता है। लेकिन इससे आंखों के आसपास की झुर्रियां या उम्र बढ़ने के दूसरे संकेत स्थायी रूप से खत्म होने का दावा वैज्ञानिक रूप से नहीं किया जाना चाहिए।
4. डार्क सर्कल पर कितना असर?
डार्क सर्कल कई कारणों से हो सकते हैं। नींद की कमी, आनुवंशिकता, एलर्जी, उम्र बढ़ना और आंखों के आसपास की त्वचा में बदलाव इनमें शामिल हो सकते हैं। इसलिए हर व्यक्ति में इसका कारण एक जैसा नहीं होता। ठंडी सिकाई कुछ लोगों में आंखों के आसपास की सूजन कम करके क्षेत्र को थोड़ी देर के लिए बेहतर दिखा सकती है। लेकिन खीरे के टुकड़ों को डार्क सर्कल का स्थायी इलाज मानना सही नहीं होगा।
खीरे के टुकड़े आंखों पर रखने का सही तरीका
अगर कोई व्यक्ति इस घरेलू उपाय को आजमाना चाहता है तो स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है।
* ताजा और साफ खीरा लें।
* उसे अच्छी तरह धोने के बाद पतले गोल टुकड़े काटें।
* टुकड़ों को कुछ देर के लिए फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है।
* आंखें बंद करके खीरे के टुकड़े आंखों के ऊपर रखें।
* कुछ मिनट बाद उन्हें हटा दें।
* इस्तेमाल के बाद आंखों के आसपास की त्वचा को साफ पानी से हल्के हाथों से साफ कर लें।
* खीरे का रस सीधे आंखों के भीतर डालने की कोशिश न करें।
आंखों के आसपास की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, इस क्षेत्र में संपर्क से जलन या एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
अगर खीरा लगाने के बाद आंखों के आसपास जलन, लालिमा, खुजली या सूजन बढ़ जाए, तो इसे तुरंत हटा देना चाहिए। संवेदनशील त्वचा या पहले से किसी त्वचा संबंधी समस्या वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।इसके अलावा, आंखों में संक्रमण, चोट, तेज दर्द या दृष्टि में बदलाव होने पर घरेलू उपायों के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना अधिक उचित है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, आंखों के आसपास सूजन के साथ दृष्टि संबंधी परेशानी, जलन या सिरदर्द हो तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
क्या खीरा आंखों की सभी समस्याओं का इलाज है?
नहीं। यह बात समझना बेहद जरूरी है। ठंडा खीरा मुख्य रूप से एक घरेलू ठंडी सिकाई की तरह काम कर सकता है। इससे आंखों के आसपास की अस्थायी पफीनेस में राहत मिल सकती है, लेकिन एलर्जी, संक्रमण, आंखों की बीमारी या लगातार रहने वाली सूजन का इलाज इससे नहीं किया जा सकता।आंखों के नीचे बैग या सूजन के पीछे नींद की कमी, एलर्जी, शरीर में पानी रुकना, आनुवंशिक कारण और उम्र बढ़ना जैसे कई कारण हो सकते हैं।
निष्कर्ष
आंखों पर ठंडे खीरे के टुकड़े रखना एक सरल घरेलू उपाय है, जिससे आंखों के आसपास ठंडक, ताजगी और अस्थायी रूप से पफीनेस में कमी महसूस हो सकती है। इसका सबसे बड़ा लाभ ठंडे सेक से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसे किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं समझना चाहिए। अगर आंखों की सूजन लगातार बनी रहती है, बार-बार होती है या उसके साथ दर्द, लालिमा, खुजली अथवा दृष्टि में बदलाव दिखाई देता है, तो कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।