मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नौयान ट्रेडिंग और नौयान शिपयार्ड में हिस्सेदारी खरीदी। डील की कुल कीमत 1 लाख रुपये है। यह डील 20 मार्च, 2025 से लागू हुई। जानें डील का विवरण, शेयर बाजार पर प्रभाव और नौयान शिपयार्ड के भविष्य के बारे में।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक नई डील की है। RIL की सहायक कंपनी रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिजनेस वेंचर्स लिमिटेड (RSBVL) ने नौयान ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (NTPL) को खरीद लिया है। इसके साथ ही NTPL ने नौयान शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (NSPL) में 74% हिस्सेदारी भी हासिल कर ली है। इस डील की कुल कीमत 1 लाख रुपये बताई जा रही है। यह डील 20 मार्च, 2025 से लागू हो गई है।
क्या है डील का विवरण
RSBVL ने NTPL को वेलस्पन ट्रेडिंग से खरीदा है, जो वेलस्पन कॉर्प की सहायक कंपनी है। NTPL का गठन इसी महीने 3 मार्च को हुआ था और अभी तक इसने अपना कारोबार शुरू नहीं किया है। इस डील के बाद NTPL अब रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक और सहायक कंपनी बन गई है इसके अलावा, NTPL ने वेलस्पन कॉर्प के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत NTPL ने नौयान शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (NSPL) में 74% हिस्सेदारी खरीदी है। इसके लिए NTPL ने 382.73 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। नौयान शिपयार्ड की कुल कीमत 643.78 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, NSPL पर 126.57 करोड़ रुपये का कर्ज भी है, जिसके बाद कंपनी की कुल वैल्यू 517.21 करोड़ रुपये है।
शेयर बाजार में रिलायंस की स्थिति
इस डील की घोषणा के बाद गुरुवार को रिलायंस के शेयरों में तेजी देखी गई। कंपनी के शेयर 1.67% बढ़कर 1268.55 रुपये पर बंद हुए। पिछले एक हफ्ते में रिलायंस के शेयरों में 1.70% की तेजी आई है, जबकि पिछले दो हफ्तों में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में अब तक रिलायंस के शेयरों में करीब 4% की वृद्धि हुई है रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन (एम-कैप) फिलहाल 17,16,649.16 करोड़ रुपये है।
क्या होगा नौयान शिपयार्ड का भविष्य
नौयान शिपयार्ड प्राइवेट लिमिटेड (NSPL) एक शिपयार्ड कंपनी है, जो जहाज निर्माण और मरम्मत के कार्यों में संलग्न है। रिलायंस की इस डील के बाद NSPL के भविष्य को लेकर बाजार में उम्मीदें बढ़ गई हैं। रिलायंस की ओर से इस क्षेत्र में निवेश को कंपनी के विस्तार और विविधीकरण की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
है महत्वपूर्ण कदम
इस डील के साथ ही रिलायंस ने एक बार फिर अपने व्यापारिक विस्तार और नई संभावनाओं की तलाश में कदम बढ़ाया है। मुकेश अंबानी की अगुवाई में रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार नए क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है और यह डील इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।