हिमाचल के सियाल गांव में 71 दिन रहने के बाद गोवा पहुंचे अजय शर्मा ने करीब 30 हजार रुपये का मासिक बजट बताया, जिसमें किराया, राशन, स्कूटी, पेट्रोल, जिम और अन्य खर्च शामिल हैं।
गोवा | 3 सितंबर 2026 | शाह टाइम्स
By Mohd Haris
गोवा में रहना कितना महंगा है? यह सवाल उन लोगों के लिए अहम है जो महानगरों की भागदौड़ से दूर समुद्र किनारे कुछ समय गुजारना चाहते हैं। इसी सवाल का एक व्यक्तिगत जवाब दिल्ली के कॉर्पोरेट रिमोट प्रोफेशनल अजय शर्मा ने दिया है।
अजय शर्मा हिमाचल प्रदेश के सियाल गांव में करीब 71 दिन बिताने के बाद गोवा पहुंचे हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर गोवा में शिफ्ट होने, नए घर, रोजमर्रा की जिंदगी और मासिक बजट से जुड़े करीब 10 वीडियो साझा किए। इन वीडियो को कुल मिलाकर 20 लाख से अधिक व्यूज़ मिलने की बात NDTV की रिपोर्ट में कही गई है।
अजय के मुताबिक वह गोवा में एक 3BHK विला में रह रहे हैं। उन्हें इसमें अपना कमरा, वाई-फाई, वर्क डेस्क और अटैच्ड बाथरूम मिला है।
विला में शेयर्ड किचन, डाइनिंग एरिया और लिविंग स्पेस भी है। सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि उनके बताए मुताबिक समुद्र तट वहां से महज 2 से 3 मिनट की दूरी पर है। यानी उनका गोवा अनुभव सिर्फ किराए के मकान तक सीमित नहीं, बल्कि बीच के करीब रहने वाली लाइफस्टाइल से जुड़ा है।
अजय के बजट में सबसे बड़ा खर्च किराया है। उन्होंने बताया कि 3BHK विला में अपने कमरे के लिए उन्हें करीब 15,000 रुपये प्रति माह देने पड़ते हैं।
यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि वह पूरे 3BHK का किराया अकेले नहीं दे रहे हैं। वह हाउसमेट्स के साथ साझा व्यवस्था में रह रहे हैं और अपने हिस्से के तौर पर 15,000 रुपये दे रहे हैं।
अजय ने बताया कि गोवा में राशन उन्हें दिल्ली और मनाली के मुकाबले कुछ महंगा लगा। गोवा पहुंचने के पहले सप्ताह में उन्होंने करीब 1,500 रुपये राशन पर खर्च किए।
इसी रफ्तार को महीने भर के लिए देखें तो उनका अनुमान लगभग 6,000 रुपये का बनता है। यह खर्च उनके व्यक्तिगत खाने और घरेलू जरूरतों का है, इसलिए बाहर खाने या रेस्तरां का खर्च इसमें अलग हो सकता है।
गोवा में रहने के दौरान अजय ने जिम भी जॉइन किया है। इसके लिए उनका मासिक खर्च करीब 2,000 रुपये है।
यानी उनके लिए गोवा का बजट केवल मकान और भोजन तक सीमित नहीं है। उनकी जीवनशैली में फिटनेस और रिमोट वर्क से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं।
गोवा में घूमने और आने-जाने के लिए अजय ने स्कूटी को जरूरी बताया। उन्होंने ऑफ-सीज़न में 4,500 रुपये महीने में स्कूटी किराए पर लेने की जानकारी दी।
हालांकि वह स्कूटी अपने हाउसमेट के साथ साझा कर रहे हैं। इसलिए उनके हिस्से का खर्च करीब 2,250 रुपये महीना आता है।
इसके अलावा पेट्रोल पर वह लगभग 300 रुपये प्रति सप्ताह खर्च करते हैं। महीने का पेट्रोल खर्च करीब 1,200 रुपये बताया गया है।
अजय ने अपने बजट में करीब 1,200 रुपये प्रति सप्ताह के अन्य छोटे-मोटे खर्च भी शामिल किए हैं। उनका अनुमान है कि यह रकम महीने में करीब 5,000 रुपये तक पहुंच जाती है।
यही खर्च अक्सर किसी व्यक्ति के वास्तविक मासिक बजट में बड़ा फर्क पैदा करते हैं। बाहर की कॉफी, छोटी खरीदारी, लोकल ट्रैवल और दूसरी जरूरतें अलग-अलग लोगों के मामले में तेजी से बढ़ सकती हैं।
अजय शर्मा के मुताबिक गोवा में उनकी मौजूदा लाइफ का कुल मासिक खर्च लगभग 30,000 रुपये है। इसमें 15,000 रुपये किराया, करीब 6,000 रुपये राशन, 2,000 रुपये जिम, 2,250 रुपये स्कूटी, करीब 1,200 रुपये पेट्रोल और लगभग 5,000 रुपये अन्य खर्च शामिल हैं।
हालांकि इन मदों को सीधे जोड़ने पर रकम करीब 31,450 रुपये बैठती है। इसलिए 30,000 रुपये को सटीक लेखा-जोखा नहीं, बल्कि अजय द्वारा दिया गया लगभग मासिक अनुमान माना जाना चाहिए।
यहां सबसे अहम सवाल यही है। अजय का अनुभव यह साबित नहीं करता कि हर व्यक्ति 30,000 रुपये में गोवा में आराम से रह सकता है।
उनका मॉडल साझा आवास, हाउसमेट के साथ स्कूटी, ऑफ-सीज़न किराया और रिमोट वर्क पर आधारित है। अगर कोई व्यक्ति अकेले 1BHK या 2BHK लेता है, लगातार बाहर खाना खाता है, टैक्सी का इस्तेमाल करता है या पर्यटक इलाकों में ज्यादा समय बिताता है तो उसका बजट काफी ऊपर जा सकता है।
2026 के एक अलग लागत अनुमान में गोवा में एक व्यक्ति के लिए आवास सहित सामान्य मासिक खर्च करीब 45,757 रुपये बताया गया है। उसी स्रोत में शहर के भीतर 1BHK का औसत किराया करीब 17,100 रुपये और शहर से बाहर करीब 15,450 रुपये बताया गया है। इससे साफ है कि रहने का इलाका और जीवनशैली कुल खर्च में बड़ा अंतर पैदा करते हैं।
अजय ने गोवा जाने की वजह को स्थायी रूप से हिमाचल छोड़ना नहीं बताया। उनके मुताबिक वह अलग-अलग जगहों पर कुछ समय रहना पसंद करते हैं।
उनका कहना है कि पहाड़ हमेशा उनकी पहली पसंद रहे हैं, लेकिन समुद्र किनारे की जिंदगी का अनुभव किए बिना वह यह तय नहीं करना चाहते थे कि पहाड़ बेहतर हैं या बीच। गोवा पहुंचने के बाद उन्होंने समुद्र, सनसेट और बीच के करीब रहने वाली जिंदगी को एक अलग तरह का अनुभव बताया।
अजय शर्मा की कहानी को गोवा में रहने की अंतिम कीमत के बजाय एक रिमोट वर्कर के व्यक्तिगत प्रयोग के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।
उनका अनुभव दिखाता है कि साझा आवास और ऑफ-सीज़न ट्रांसपोर्ट जैसी व्यवस्थाओं के साथ गोवा में करीब 30 हजार रुपये के आसपास का व्यक्तिगत बजट संभव हो सकता है। लेकिन अकेले रहने, बेहतर लोकेशन चुनने और अधिक सुविधाएं लेने पर यही खर्च काफी बढ़ सकता है।
गोवा की बीच लाइफ का आकर्षण बड़ा है, लेकिन उसके साथ किराया, परिवहन, भोजन और पर्यटन वाले इलाकों की महंगाई को भी बजट में शामिल करना जरूरी है। इसलिए किसी भी व्यक्ति के लिए शिफ्ट होने से पहले अपने रहने के इलाके, काम की जरूरत, परिवहन और लाइफस्टाइल के आधार पर अलग बजट बनाना ज्यादा व्यावहारिक होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।