रामायण’ में सीता की भूमिका पर साई पल्लवी ने साझा किया अनुभव
किरदार को देने से पहले उससे सीखना चाहती थीं साई पल्लवी
अमिताभ के सवाल पर साई पल्लवी ने बताया, सीता की भूमिका उनके लिए क्यों अलग थी
रामायण’ में सीता की भूमिका पर साई पल्लवी ने केबीसी 18 के प्रोमो में अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने प्रार्थना और किरदार से सीखने की इच्छा बताई। यह उनकी निजी अभिनय प्रक्रिया का बयान है।
📍 भारत | 🗓️ 26 अक्टूबर 2026 | ✍️Himani panwar
अमिताभ के सवाल पर साई ने क्या बताया?
‘रामायण’ में सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी ने अपनी अभिनय प्रक्रिया पर बात की है। केबीसी 18 के उपलब्ध प्रोमो से जुड़े प्रकाशित विवरण के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने कलाकारों से पूछा कि संबंधित भूमिकाएं मिलने पर उनकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी। साई ने जवाब में प्रार्थना और समर्पण का जिक्र किया।
भूमिका से सीखने की इच्छा
एजेंसी विवरण के अनुसार, अभिनेत्री ने इस अनुभव को अपने लिए अलग बताया। उनका जोर भूमिका को केवल अपनी समझ से गढ़ने के बजाय उससे कुछ ग्रहण करने पर था। इसे उनकी निजी अनुभूति के तौर पर पढ़ना चाहिए।
बयान को तैयारी न करने का दावा न बनाएं
साई की बात से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि उन्होंने भूमिका के लिए कोई अभ्यास, अध्ययन या तैयारी नहीं की। उपलब्ध बातचीत अभिनय के भावनात्मक और आध्यात्मिक पक्ष से जुड़ी है। उनकी पूरी तैयारी का विवरण इस अंश में नहीं है।
अहम तथ्य
• साई पल्लवी फिल्म में सीता की भूमिका निभा रही हैं। • रणबीर कपूर राम और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में हैं। • तीनों कलाकार केबीसी के दिवाली स्पेशल प्रोमो में शामिल हैं। • उपलब्ध कार्यक्रम घोषणा में प्रसारण 29 और 30 अक्टूबर, रात 9 बजे बताया गया है।
प्रोमो और पूरे एपिसोड में फर्क
यह खबर आगामी एपिसोड से पहले सामने आए प्रमोशनल अंश पर आधारित है। इसे पूरे एपिसोड के प्रसारित हो जाने की खबर नहीं माना जाना चाहिए। प्रसारक की साझा घोषणा के मुताबिक, विशेष कार्यक्रम सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर दिखाया जाना है।
‘रामायण’ का संदर्भ
नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म में परिचित महाकाव्य के पात्रों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत किया जा रहा है। साई का बयान उसी भूमिका को निभाने के अनुभव से संबंधित है। यह किसी धार्मिक या ऐतिहासिक दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
आगे क्या देखना होगा?
पूरा एपिसोड सामने आने पर बातचीत का व्यापक संदर्भ उपलब्ध होगा। उससे पहले छोटे अंश के आधार पर अभिनेत्री की पूरी कार्यशैली या फिल्म के प्रदर्शन पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
साई पल्लवी ने सीता की भूमिका से अपने जुड़ाव का निजी पक्ष साझा किया है। खबर का केंद्र उनका अनुभव है। इसे चमत्कार, तैयारी की कमी या अभिनय की गुणवत्ता के प्रमाण के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।
कलाकार के बयान का संदर्भ क्यों जरूरी?
प्रमोशनल बातचीत में कलाकार अपने अनुभव संक्षेप में बताते हैं। किसी एक वाक्य को अलग कर देने से उसका अर्थ बदल जाता है।
यहां सीखने की इच्छा और प्रार्थना का जिक्र निजी आस्था से जुड़ा है। फिल्म में भूमिका कितनी प्रभावी बनी है, उसका आकलन प्रदर्शन और पूरी रचना के आधार पर होगा। प्रमोशनल बयान उसकी जगह नहीं लेता।