Report by- Anuradha Singh
हल्द्वानी। किसी भी कन्या के जीवन में पीरियड्स का पहला दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है ये वह दिन होता है जब पहली बार किसी कन्या को पीरियड शुरू होते हैं, यूँ तो पीरियड को लेकर हमारे समाज में कई तरह की बातें हैं कहीं इस मुद्दे पर खुलकर बातचीत की जाती है कन्याओं और महिलाओं को इस वक्त अपना ध्यान कैसे रखें इस बारे में बताया जाता है, तो कहीं आज भी हमारे समाज में इसे एक ऐसी बीमारी के रूप में देखा जाता है जिस समय कन्या या महिलाओं को छूना भी अछूत माना जाता है।
मगर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के काशीपुर में एक परिवार ऐसा भी है जिसने माहवारी पर होने वाली बातों को दरकिनार करते हुए अपनी बेटी के पहले पीरियड्स को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को बुलाकर पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया ।

काशीपुर में रहने वाले संगीत शिक्षक जितेंद्र भट्ट ने अपनी बेटी के पहले पीरियड्स पर एक नई शुरुआत की जो की रूढ़िवादी सोच को कही न कही तोड़ती नज़र आ रही है।जितेंद्र भट्ट ने अपने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की और पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि- “बेटी बड़ी हो गई है बेटी रागिनी को पीरियड शुरू होने की खुशी को आज उत्सव की तरह मनाया हैप्पी पीरियड्स रागनी।”
सोशल मीडिया पर जितेंद्र की यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है कहीं जितेंद्र की सोच की तारीफ की जा रही है तो कहीं इसे गलत करार दिया जा रहा है। आपको बता दें कि काशीपुर के रहने वाले जितेंद्र भट्ट और उनकी पत्नी भावना सती की 13 साल की बेटी रागिनी है, इस सप्ताह मंगलवार को जितेंद्र भट्ट की पत्नी भावना ने उन्हें बताया कि उनकी 13 साल की बेटी रागिनी को पीरियड शुरू हो गए हैं और बेटी थोड़ी असहज थी लेकिन दोनों माता पिता ने बेटी को साथ बिठाया और समझाया पीरियड्स उसके लिए कितने जरूरी और कितने स्पेशल है।
दोनों ही माता पिता ने खुलकर बेटी से पीरियड्स पर बात की जिसके बाद यह तय किया गया कि बेटी रागिनी के पहले पीरियड्स को बहुत ही धूमधाम से सेलिब्रेट किया जायेगा।अक्सर हमारे समाज में ऐसे मुद्दों माताए ही होती है जो बच्चियों को सीख देती और समझती नज़र आती है पुरुषो को अक्सर ऐसे मामलो से दूर रखा है ऐसे में एक पिता का ऐसा स्नेह देख कर यह साबित होता है की कैसे आप कुछ रूढ़िवादी सोच को ख़तम करने के लिए अपने घर से ही शुरुआत कर है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।