घर पर लहसुन उगाना है तो अक्टूबर का समय हो सकता है उपयोगी
लहसुन भारतीय रसोई में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख मसाला फसलों में शामिल है। इसे खेत में बड़े स्तर पर उगाने के अलावा घर की क्यारी, गमले या कंटेनर में भी लगाया जा सकता है। इसके लिए लहसुन के बीज की जगह आमतौर पर उसकी स्वस्थ कलियों का इस्तेमाल किया जाता है।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की रबी कृषि सलाह के अनुसार उपोष्ण क्षेत्रों में लहसुन की रोपाई का समय सितंबर-अक्टूबर बताया गया है। लहसुन की फसल को बढ़वार के दौरान ठंडी और नम परिस्थितियां तथा पकने के समय अपेक्षाकृत शुष्क मौसम पसंद आता है।
गमले में लहसुन उगाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर लहसुन उगाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती। एक ऐसा गमला या कंटेनर लें जिसमें पानी निकलने के लिए नीचे छेद हों। मिट्टी भुरभुरी और अच्छी जलनिकासी वाली होनी चाहिए। इसमें अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या कम्पोस्ट मिलाई जा सकती है।रोपाई के लिए ऐसी लहसुन की गांठ चुनें जिसकी कलियां स्वस्थ और मजबूत हों। बड़ी और अच्छी गुणवत्ता वाली कलियों का इस्तेमाल करने की सलाह कृषि संबंधी स्रोतों में दी गई है।
लहसुन की कली कैसे लगाएं?
सबसे पहले लहसुन की गांठ से कलियां अलग कर लें। कलियों के ऊपर मौजूद सूखी बाहरी परत को पूरी तरह हटाने की जरूरत नहीं है। कली का नुकीला हिस्सा ऊपर और जड़ वाला सपाट हिस्सा नीचे रखते हुए मिट्टी में लगाएं।खेत की खेती के लिए ICAR की सलाह में लगभग 15 सेंटीमीटर × 7.5 सेंटीमीटर की दूरी बताई गई है। घर के गमले में भी कलियों के बीच पर्याप्त जगह रखना जरूरी है, ताकि विकसित होने वाले पौधों को जगह मिल सके।
पानी कितना दें?
लहसुन को पानी देते समय सबसे महत्वपूर्ण बात मिट्टी में पानी जमा न होने देना है। मिट्टी सूखने लगे तो जरूरत के अनुसार सिंचाई करें। लगातार गीली मिट्टी रहने से कंदों के खराब होने का खतरा बढ़ सकता है। फसल की जरूरत के अनुसार पानी देने का अंतर मौसम, मिट्टी और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए घर के गमले में किसी निश्चित दिन के बजाय मिट्टी की नमी देखकर पानी देना अधिक व्यावहारिक तरीका है।
धूप कितनी जरूरी है?
लहसुन को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां पौधे को पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिले। बालकनी, छत या घर की ऐसी जगह जहां अच्छी धूप आती हो, वहां कंटेनर रखा जा सकता है। साथ ही गमले में जलनिकासी की व्यवस्था जरूर होनी चाहिए।
कब तैयार होता है लहसुन?
लहसुन की फसल तैयार होने के संकेतों में पत्तियों का पीला या भूरा होना और उनका धीरे-धीरे सूखना शामिल है। कृषि स्रोतों में भी इन संकेतों को कटाई के समय के महत्वपूर्ण संकेतों के रूप में बताया गया है। घर में उगाए गए पौधों की कटाई का समय किस्म, मौसम, तापमान, मिट्टी और देखभाल के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए केवल कैलेंडर के आधार पर कटाई करने के बजाय पौधे की स्थिति देखना जरूरी है।
कटाई के बाद क्या करें?
लहसुन निकालने के बाद उसे तुरंत बंद डिब्बे में रखने के बजाय अच्छी तरह हवादार और सूखी जगह में सुखाना जरूरी है। ICAR के अनुसार लहसुन के भंडारण में उचित वेंटिलेशन महत्वपूर्ण है और पूरी फसल को हवादार परिस्थितियों में रखने से खराब होने और वजन में कमी को कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या गमले में लहसुन उगाना आसान है?
घर पर लहसुन उगाने का सबसे सरल तरीका स्वस्थ कलियों को अच्छी जलनिकासी वाली मिट्टी में लगाना, पर्याप्त रोशनी देना और जरूरत के अनुसार सिंचाई करना है। हालांकि घर के कंटेनर में मिलने वाली उपज खेत में व्यावसायिक खेती जैसी नहीं होगी। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से घरेलू जरूरत के लिए छोटी मात्रा में उत्पादन करना है।
निष्कर्ष
अगर आप घर की बालकनी, छत या किचन गार्डन में कुछ उपयोगी उगाना चाहते हैं, तो लहसुन एक विकल्प हो सकता है। उत्तर भारत के उपोष्ण क्षेत्रों में सितंबर-अक्टूबर इसकी रोपाई के लिए उपयुक्त अवधि बताई गई है। स्वस्थ कलियां, भुरभुरी मिट्टी, पर्याप्त रोशनी और संतुलित सिंचाई इसके अच्छे विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।