बार-बार पसीना आना क्या सच में सेहत के लिए होता है नुकसानदायक?
पसीना आना शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। शरीर का तापमान बढ़ने पर पसीने के जरिए शरीर खुद को ठंडा करता है। गर्म मौसम, व्यायाम और तनाव जैसी परिस्थितियों में ज्यादा पसीना आना आम बात हो सकती है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को बिना गर्मी, व्यायाम या किसी स्पष्ट वजह के जरूरत से ज्यादा पसीना आने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार ऐसी स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस कहा जा सकता है।
पसीना आना शरीर के लिए क्यों जरूरी है?
पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करता है। गर्म वातावरण या शारीरिक मेहनत के दौरान शरीर की पसीने की ग्रंथियां सक्रिय होती हैं और पसीना त्वचा की सतह पर पहुंचकर वाष्पित होता है, जिससे शरीर को ठंडा रखने में मदद मिलती है। तनाव या घबराहट के दौरान भी पसीना बढ़ सकता है। इसलिए केवल ज्यादा पसीना आने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कोई बीमारी है। परिस्थितियों को समझना जरूरी है।
कब ज्यादा पसीना सामान्य माना जा सकता है?
गर्म मौसम, व्यायाम या शारीरिक मेहनत के दौरान शरीर का ज्यादा पसीना छोड़ना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है। तनाव, घबराहट, बुखार और कुछ हार्मोनल बदलावों के दौरान भी पसीना बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में पसीना आने का संबंध आमतौर पर किसी स्पष्ट परिस्थिति से होता है और उस परिस्थिति के खत्म होने पर पसीना कम हो जाता है।
कब यह हाइपरहाइड्रोसिस हो सकता है?
यदि किसी व्यक्ति को शरीर को ठंडा करने की जरूरत न होने के बावजूद अत्यधिक पसीना आता है, तो यह हाइपरहाइड्रोसिस हो सकता है। इसमें हथेलियों, पैरों के तलवों, बगल या चेहरे जैसे हिस्सों में अत्यधिक पसीना आ सकता है। कुछ मामलों में इसका कोई स्पष्ट चिकित्सकीय कारण नहीं मिलता और यह परिवार में भी चल सकता है। हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना इतना अधिक हो सकता है कि रोजमर्रा के काम, कपड़े पहनने या सामाजिक गतिविधियों पर भी असर पड़े।
किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या से भी जुड़ा हो सकता है ज्यादा पसीना
हर बार अत्यधिक पसीने का कारण हाइपरहाइड्रोसिस ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में यह किसी अन्य बीमारी या दवा के प्रभाव से भी संबंधित हो सकता है।स्वास्थ्य स्रोतों के अनुसार अत्यधिक पसीना ओवरएक्टिव थायरॉयड, लो ब्लड शुगर, कुछ संक्रमण, मेनोपॉज, कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों और कुछ दवाओं के कारण भी हो सकता है। इसलिए लंबे समय से बनी समस्या में केवल पसीना रोकने के उपाय करने के बजाय उसके कारण का पता लगाना महत्वपूर्ण है।
रात में बिना वजह पसीना आए तो ध्यान दें
रात में ऐसा पसीना आना जिसका कोई स्पष्ट कारण न हो, जैसे कमरे का बहुत गर्म होना या अत्यधिक गर्म कपड़े पहनना, चिकित्सकीय सलाह लेने का कारण हो सकता है। खासकर तब, जब यह समस्या बार-बार हो रही हो या इसके साथ अन्य लक्षण भी मौजूद हों।
अचानक पसीना बढ़ जाए तो क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को अचानक पहले की तुलना में बहुत अधिक पसीना आने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। इसी तरह अगर अत्यधिक पसीने की वजह से रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हों या व्यक्ति सामाजिक रूप से असहज महसूस करने लगा हो, तो चिकित्सकीय मूल्यांकन कराया जा सकता है।
किन लक्षणों के साथ तुरंत चिकित्सा सहायता जरूरी हो सकती है?
बहुत ज्यादा पसीने के साथ सीने में दर्द या दबाव, चक्कर, मतली, सांस लेने में परेशानी, तेज धड़कन या ठंडी त्वचा जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। इन लक्षणों का मतलब किसी एक बीमारी की पुष्टि नहीं है, लेकिन इनके साथ अत्यधिक पसीना आने पर तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी हो सकता है।
ज्यादा पसीना आने पर शरीर में पानी की कमी का भी ध्यान रखें
बहुत अधिक पसीना आने से शरीर से तरल पदार्थ की कमी हो सकती है। MedlinePlus के अनुसार अत्यधिक पसीना डिहाइड्रेशन का एक कारण हो सकता है। इसलिए गर्मी या ज्यादा शारीरिक मेहनत के दौरान पर्याप्त तरल पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी व्यक्ति को कितने तरल पदार्थ की जरूरत है, यह उसकी उम्र, गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर कर सकता है।
डॉक्टर जांच में क्या देखते हैं?
अत्यधिक पसीने की समस्या में डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं। जरूरत पड़ने पर शारीरिक जांच और कुछ टेस्ट भी किए जा सकते हैं, खासकर तब जब किसी अन्य बीमारी की आशंका हो। थायरॉयड या ब्लड शुगर जैसी स्थितियों की जांच के लिए रक्त परीक्षण की सलाह दी जा सकती है।
निष्कर्ष
पसीना आना अपने आप में बीमारी नहीं है। गर्मी, व्यायाम और तनाव जैसी परिस्थितियों में यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है। लेकिन बिना स्पष्ट कारण के बहुत ज्यादा पसीना आना, अचानक पसीना बढ़ना या रात में बार-बार पसीना आना किसी स्वास्थ्य समस्या की ओर संकेत कर सकता है। ऐसे मामलों में कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। खासकर सीने में दर्द, चक्कर, सांस फूलना या तेज धड़कन जैसे लक्षण साथ हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।