गुरुवार, 09 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

मुस्लिम समुदाय के कोटा विस्तार को लेकर क्यों चिंतित है राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ?

None 2024-04-24 15:58:21
मुस्लिम समुदाय के कोटा विस्तार को लेकर क्यों चिंतित है राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ?

संपूर्ण मुस्लिम समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग - ओबीसी के अंतर्गत आरक्षण देने पर राष्ट्रीय ओबीसी आयोग ने कहा है कि कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया है

बेंगलुरु (Shah Times) । राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने पूरे मुस्लिम समुदाय को आरक्षण का लाभ देने के कर्नाटक सरकार के फैसले पर चिंता व्यक्त की है।

एनसीबीसी के मुताबिक मुस्लिम आबादी के भीतर कुछ जातियों और समुदायों के सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को स्वीकार करते हुए आरक्षण श्रेणी में सभी मुसलमानों को शामिल करना सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है।

आयोग का तर्क है कि मुसलमानों को समग्र रूप से पिछड़े वर्गों के अंतर्गत वर्गीकृत करके, मुस्लिम समुदाय के भीतर विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच पिछड़ेपन की विविध आवश्यकताओं तथा स्तरों को नजरअंदाज कर दिया गया है।

वर्तमान में कर्नाटक में आरक्षण प्रणाली में श्रेणी-1 के तहत 17 सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ी जातियां शामिल हैं, जबकि 19 जातियां श्रेणी ए-2 के अंतर्गत आती हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य में हिंदू-बहुल वर्गों की सूची में मुसलमानों को श्रेणी-2बी में अलग से शामिल किया गया है।

आयोग के बयान में संभावित अन्याय पर जोर दिया गया है जो मुस्लिम आबादी के भीतर विभिन्न हाशिए पर मौजूद जातियों और समुदायों पर हो सकता है, विशेष रूप से शैक्षिक तथा सामाजिक रूप से पिछड़े के रूप में पहचाने जाने वाले लोगों पर। इसने अवसरों तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन समुदायों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पहचानने और संबोधित करने के महत्व पर जोर दिया।

इसके अलावा आयोग ने विशेष रूप से स्थानीय निकाय चुनावों के संदर्भ में आरक्षण निर्णय के व्यापक प्रभावों के बारे में आशंका व्यक्त की। स्थानीय निकाय चुनावों में मुसलमानों सहित पिछड़े वर्गों के लिए आवंटित 32 प्रतिशत आरक्षण के साथ, विविध समुदायों के प्रतिनिधित्व पर प्रभाव के बारे में चिंताएं व्यक्त की गई हैं।

  संपूर्ण मुसलमान समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग - ओबीसी के अंतर्गत आरक्षण देने पर राष्ट्रीय ओबीसी आयोग ने कहा है कि कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया है।राष्ट्रीय ओबीसी आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने बुधवार को यहां कहा कि कर्नाटक सरकार ने ओबीसी आरक्षण का श्रेणीकरण इस तरह से किया है कि संपूर्ण मुसलमान समुदाय ओबीसी आरक्षण में आ गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मुसलमान समुदाय को ओबीसी के अंतर्गत आरक्षण देने का आधार पूछा गया था जिसका राज्य सरकार से कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं मिला है।श्री अहीर ने कहा कि कर्नाटक में ओबीसी समुदाय को 32 प्रतिशत आरक्षण प्राप्त है। राज्य सरकार ने ओबीसी आरक्षण में बंटवारा किया जिसमें श्रेणी प्रथम, प्रथम बी, द्वितीय बी, तृतीय ए और तृतीय बी बनायी हैं। प्रथम श्रेणी में 95 जातियां हैं जिनमें 17 मुसलमान जाति हैं। द्वितीय बी में 103 जातियां हैं जिनमें 19 मुसलमान जातियां भी शामिल हैं। इसके अलावा पूर्ण मुसलमान समुदाय को चार प्रतिशत भी दिया गया है। इस तरह से पूरा संपूर्ण मुसलमान समुदाय आरक्षण के दायरे में आ गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सरकारी सेवाओं में आरक्षण से लाभ पाने वाले लोगों के बारे में जानकारी मांगी गयी हैं जो अभी आयोग को उपलब्ध नहीं करायी गयी है।

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर