लखनऊ, (Shah Times)।उत्तर प्रदेश में शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में बढ़ेंगे बिजली के दाम, यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने जारी किया आदेश।
यूपी के वो ग्रामीण इलाके जो शहरों से सटे हुए हैं और वहां शहरी शेड्यूल के मुताबिक बिजली सप्लाई होती है वहां के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में डेढ़ गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हो जायेगी, पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक मंडल ने बीती रात इसका आदेश जारी कर दिया है,इसे लागू करने का अधिकार पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली कंपनियों को सौंप दिया है।
इस फैसले का असर यूपी के उन बिजली उपभोक्ताओं के ऊपर पड़ेगा जो शहरी आबादी के करीब वाले ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।
ग्रामीण इलाकों में घरेलू उपभोक्ताओं को 3.35₹/यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होता है, वहीं शहरी इलाकों में ये दर ₹5.50/यूनिट है।शहरी इलाकों में 24 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल होता है।यहां नियमित कटौती का प्रावधान नहीं है, फॉल्ट आने पर ही बिजली कटती है लिहाजा शहरी इलाकों में बिजली दर ज्यादा रखी गई है।
भाजपा सरकार के इस फटके से ऐसे ग्रामीणों को चुकाने होंगे शहरों की तर्ज़ पर बिजली के दाम। ना बेरोजगारी पर काम कर रही और ना बढ़ती महंगाई पर गौर कर रही है जनता को कैसे लूटा जाए और अपने उद्योगपतियों को कैसे मजबूत किया जाए क्योंकि बिजली कंपनियां भी कहीं ना कही अडानी अम्बानी से की ही है। धर्म के नाम पर वोट देकर भाजपा को सत्ता देगी जनता और फायदा अडानी अम्बानी का होगा।
लखनऊ, (Shah Times)।उत्तर प्रदेश में शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में बढ़ेंगे बिजली के दाम, यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने जारी किया आदेश।
यूपी के वो ग्रामीण इलाके जो शहरों से सटे हुए हैं और वहां शहरी शेड्यूल के मुताबिक बिजली सप्लाई होती है वहां के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में डेढ़ गुना से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हो जायेगी, पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक मंडल ने बीती रात इसका आदेश जारी कर दिया है,इसे लागू करने का अधिकार पावर कॉर्पोरेशन ने बिजली कंपनियों को सौंप दिया है।
इस फैसले का असर यूपी के उन बिजली उपभोक्ताओं के ऊपर पड़ेगा जो शहरी आबादी के करीब वाले ग्रामीण इलाकों में रहते हैं।
ग्रामीण इलाकों में घरेलू उपभोक्ताओं को 3.35₹/यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होता है, वहीं शहरी इलाकों में ये दर ₹5.50/यूनिट है।शहरी इलाकों में 24 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल होता है।यहां नियमित कटौती का प्रावधान नहीं है, फॉल्ट आने पर ही बिजली कटती है लिहाजा शहरी इलाकों में बिजली दर ज्यादा रखी गई है।
भाजपा सरकार के इस फटके से ऐसे ग्रामीणों को चुकाने होंगे शहरों की तर्ज़ पर बिजली के दाम। ना बेरोजगारी पर काम कर रही और ना बढ़ती महंगाई पर गौर कर रही है जनता को कैसे लूटा जाए और अपने उद्योगपतियों को कैसे मजबूत किया जाए क्योंकि बिजली कंपनियां भी कहीं ना कही अडानी अम्बानी से की ही है। धर्म के नाम पर वोट देकर भाजपा को सत्ता देगी जनता और फायदा अडानी अम्बानी का होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।