उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर स्टांप ड्यूटी में 1 फीसदी की अतिरिक्त छूट देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने 12 प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
लखनऊ,(Shah Times) । उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य में अब महिलाएं एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत की अतिरिक्त छूट प्राप्त करेंगी। इससे पहले यह छूट केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर ही लागू थी।
प्रदेश सरकार के इस फैसले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। अब महिलाओं को अधिकतम एक लाख रुपये तक की बचत हो सकेगी, जो प्रॉपर्टी खरीदने के फैसले को और सुलभ बना देगा।
महिलाओं को मिल रही छूट का विस्तार
स्टांप एवं न्यायालय शुल्क पंजीयन विभाग ने इस प्रस्ताव को तैयार किया था और लंबे समय से महिलाओं को अधिक छूट दिए जाने पर विचार चल रहा था। अब कैबिनेट की स्वीकृति के बाद यह योजना प्रभावी हो गई है।
अब तक की व्यवस्था के तहत:
पुरुषों द्वारा संपत्ति खरीदने पर 7 प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता था
महिलाओं से 6 प्रतिशत शुल्क वसूला जाता था, लेकिन यह केवल 10 लाख रुपये तक की संपत्तियों पर ही लागू होता था
नई व्यवस्था के अनुसार, महिलाओं द्वारा एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर भी स्टांप शुल्क 6 प्रतिशत ही लगेगा। इससे अधिक मूल्य की संपत्तियों पर पूर्ववत दरें लागू रहेंगी।
महिला स्वामित्व को मिलेगा बढ़ावा
इस निर्णय से महिला स्वामित्व वाले प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। यह कदम ना सिर्फ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करेगा बल्कि उन्हें घरेलू और सामाजिक स्तर पर अधिक निर्णयात्मक अधिकार भी प्रदान करेगा।
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि यह फैसला प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
इस कैबिनेट बैठक में 12 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सरकारी गाड़ियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अहम फैसले भी शामिल हैं।
15 साल पुरानी सरकारी गाड़ियां होंगी कबाड़
सरकार ने फैसला किया है कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी सरकारी गाड़ियों को अब औपचारिक रूप से कबाड़ घोषित किया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा के लिहाज़ से यह एक उपयोगी कदम माना जा रहा है।
विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना में बदलाव
सरकार ने विवेकानंद छात्र सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत अब विद्यार्थियों को केवल टैबलेट प्रदान करने का निर्णय लिया है। पूर्ववर्ती योजना के तहत छात्रों को स्मार्टफोन भी दिए जाते थे, लेकिन अब स्मार्टफोन वितरण को बंद कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि टैबलेट से शैक्षिक सामग्री का उपयोग अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य में महिला सशक्तिकरण, संपत्ति अधिकार और डिजिटलीकरण के लक्ष्यों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। एक ओर जहां संपत्ति पर महिलाओं के स्वामित्व को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर डिजिटल शिक्षा के माध्यम से युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।