सोमवार, 24 August 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
Book Your Ads With Shah Times
None

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत निर्मित दवाइयों पर उठाए प्रश्न

None 2023-06-20 14:50:53
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत निर्मित दवाइयों पर उठाए प्रश्न

नई दिल्ली । विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनियाभर में 300 से अधिक मौतों से जुड़ी दूषित दवाओं और सिरप की जांच के दौरान भारत निर्मित 7 दवाइयों पर प्रश्न खड़े किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, WHO के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया की फार्मास्यूटिकल्स कंपनियों द्वारा निर्मित 20 दवाओं को बच्चों की मौत के मामले में संदिग्ध पाया गया है।इन दवाओं में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित कफ सिरप और विटामिन शामिल हैं।

हाल ही में उज्बेकिस्तान, गांबिया और नाइजीरिया सहित कुछ देशों में बच्चों की मौतों को भारत निर्मित सिरपों से जोड़ा गया था। इसे लेकर WHO ने भारत निर्मित कफ सिरप को लेकर चेतावनी भी जारी की थी। इसके बाद भारत के ड्रग कंट्रोलर (Drug Controller Of India) ने नोएडा स्थित मैरियन बायोटेक, हरियाणा स्थित मेडेन फार्मास्युटिकल्स, चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा और पंजाब स्थित क्यूपी फार्माकेम आदि की जांच शुरू कर दी थी और उनका संचालन भी रोका गया था।

दैनिक शाह टाइम्स के ई-पेपर के लिंक को क्लिक करे

भारतीय कंपनियों द्वारा निर्यात की जाने वाली कफ सिरपों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत 1 जून से दवा कंपनियों को निर्यात से पहले अपने उत्पाद की अनिवार्य गुणवत्ता जांच करानी होती है।केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कहा कि निर्यात से पहले गुणवत्ता जांच के लिए सभी दवाओं के परीक्षण के स्वास्थ्य मंत्रालय के नए तंत्र से सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित होंगे।

भारतीय सिरप के सेवन से गांबिया और उज्बेकिस्तान में हुई थी बच्चों की मौत
बीते साल गांबिया और उज्बेकिस्तान में भारतीय कफ सिरप के सेवन के बाद 84 बच्चों की मौत हुई थी। अमेरिका में भी भारतीय आई ड्रॉप से मौतें हुई थीं। इसके कारण ही केंद्र सरकार ने निर्यात होने वाली सिरपों की गुणवत्ता जांच करने का फैसला लिया।अप्रैल में WHO ने पंजाब की एक फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा निर्मित एक कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की थी। इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल की अस्वीकार्य मात्रा पाई गई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत से 17 अरब डॉलर की कफ सिरप निर्यात की गई। 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हो गई। साल-दर-साल अन्य देशों को दवा निर्यात का भारत का कारोबार बढ़ रहा है। भारत दवा निर्माण की मात्रा के हिसाब से दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जबकि मूल्य के लिहाज भारत का विश्व में 14वां स्थान है। देश के दवा बाजार का आकार लगभग 50 अरब डॉलर है।

#ShahTimes

-->

नई दिल्ली । विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनियाभर में 300 से अधिक मौतों से जुड़ी दूषित दवाओं और सिरप की जांच के दौरान भारत निर्मित 7 दवाइयों पर प्रश्न खड़े किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, WHO के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारत और इंडोनेशिया की फार्मास्यूटिकल्स कंपनियों द्वारा निर्मित 20 दवाओं को बच्चों की मौत के मामले में संदिग्ध पाया गया है।इन दवाओं में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित कफ सिरप और विटामिन शामिल हैं।

हाल ही में उज्बेकिस्तान, गांबिया और नाइजीरिया सहित कुछ देशों में बच्चों की मौतों को भारत निर्मित सिरपों से जोड़ा गया था। इसे लेकर WHO ने भारत निर्मित कफ सिरप को लेकर चेतावनी भी जारी की थी। इसके बाद भारत के ड्रग कंट्रोलर (Drug Controller Of India) ने नोएडा स्थित मैरियन बायोटेक, हरियाणा स्थित मेडेन फार्मास्युटिकल्स, चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा और पंजाब स्थित क्यूपी फार्माकेम आदि की जांच शुरू कर दी थी और उनका संचालन भी रोका गया था।

दैनिक शाह टाइम्स के ई-पेपर के लिंक को क्लिक करे

भारतीय कंपनियों द्वारा निर्यात की जाने वाली कफ सिरपों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत 1 जून से दवा कंपनियों को निर्यात से पहले अपने उत्पाद की अनिवार्य गुणवत्ता जांच करानी होती है।केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कहा कि निर्यात से पहले गुणवत्ता जांच के लिए सभी दवाओं के परीक्षण के स्वास्थ्य मंत्रालय के नए तंत्र से सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित होंगे।

भारतीय सिरप के सेवन से गांबिया और उज्बेकिस्तान में हुई थी बच्चों की मौत
बीते साल गांबिया और उज्बेकिस्तान में भारतीय कफ सिरप के सेवन के बाद 84 बच्चों की मौत हुई थी। अमेरिका में भी भारतीय आई ड्रॉप से मौतें हुई थीं। इसके कारण ही केंद्र सरकार ने निर्यात होने वाली सिरपों की गुणवत्ता जांच करने का फैसला लिया।अप्रैल में WHO ने पंजाब की एक फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा निर्मित एक कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की थी। इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल और एथिलीन ग्लाइकोल की अस्वीकार्य मात्रा पाई गई थी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में भारत से 17 अरब डॉलर की कफ सिरप निर्यात की गई। 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 17.6 अरब डॉलर हो गई। साल-दर-साल अन्य देशों को दवा निर्यात का भारत का कारोबार बढ़ रहा है। भारत दवा निर्माण की मात्रा के हिसाब से दुनिया में तीसरे स्थान पर है, जबकि मूल्य के लिहाज भारत का विश्व में 14वां स्थान है। देश के दवा बाजार का आकार लगभग 50 अरब डॉलर है।

#ShahTimes

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर