LOCATION | DATE
मुज़फ़्फ़रनगर | 24 सितंबर 2026
BY Wasi Siddiqui
मुज़फ़्फ़रनगर। जिला महिला चिकित्सालय, मुज़फ़्फ़रनगर में 17 सितंबर से 24 सितंबर तक विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। अभियान का केंद्रीय उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं के दौरान मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना और अस्पताल स्टाफ के बीच सुरक्षित उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
अभियान के समापन अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका यानी CMS डॉ. मुरली भास्कर की अध्यक्षता में विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें महिला मरीजों और नवजात शिशुओं की देखभाल के दौरान संक्रमण नियंत्रण, दवाओं की सही मात्रा और उपचार प्रक्रिया में सटीक संवाद की अहमियत पर चर्चा की गई।
डॉ. मुरली भास्कर ने कहा कि महिला मरीजों और नवजात शिशुओं की देखभाल में संक्रमण नियंत्रण और दवाओं की सही मात्रा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार रोगी सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि दैनिक उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सप्ताह के दौरान अस्पताल में पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने पोस्टरों के माध्यम से प्रसव और ऑपरेशन के दौरान स्वच्छता, दवाओं के सही मिलान और चिकित्सकीय संवाद से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इन पोस्टरों को ओपीडी और विभिन्न वार्डों में प्रदर्शित किया गया।
अभियान के तहत चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञों, बाल रोग विशेषज्ञों और स्टाफ नर्सों ने सामूहिक रूप से रोगी सुरक्षा और मरीजों के अधिकारों की रक्षा को लेकर शपथ भी ली। इस गतिविधि का उद्देश्य उपचार प्रक्रिया में मरीजों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी को रेखांकित करना रहा।
रोगी सुरक्षा सप्ताह के दौरान अस्पताल में इंटरनल सेफ्टी ऑडिट भी किए गए। उपलब्ध सूचना के अनुसार इन ऑडिट का उद्देश्य अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और मरीजों से जुड़ी उपचार प्रक्रियाओं में सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर ध्यान देना रहा।
महिला मरीजों के लिए जागरूकता संदेश
मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर ने जनमानस, विशेषकर महिला मरीजों से अपने इलाज और दवाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने मरीजों की जागरूकता को सुरक्षित उपचार प्रक्रिया से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक मरीज सुरक्षित उपचार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रोगी सुरक्षा में संक्रमण नियंत्रण की भूमिका
अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण उपचार व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है। जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान प्रसव और ऑपरेशन से जुड़ी स्वच्छता पर विशेष संदेश दिए गए। महिला और नवजात मरीजों की देखभाल में स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं के पालन को लेकर स्टाफ को जागरूक किया गया।
दवा सुरक्षा और सही संवाद पर जोर
अभियान के दौरान दवाओं के सही मिलान और उचित मात्रा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ उपचार प्रक्रिया में सटीक संवाद को रोगी सुरक्षा से जोड़ा गया। पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से इन विषयों को अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
17 से 24 सितंबर तक चला अभियान
जिला महिला चिकित्सालय में विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन 17 सितंबर से शुरू होकर 24 सितंबर तक चला। इस अवधि में जागरूकता गतिविधियों के साथ अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई।
आगे की दिशा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभियान के दौरान संक्रमण नियंत्रण, दवा सुरक्षा, मरीजों के अधिकार और चिकित्सकीय संवाद जैसे विषयों पर जोर दिया गया। अस्पताल प्रशासन की ओर से महिला मरीजों को अपने उपचार और दवाओं के बारे में जागरूक रहने की अपील की गई है।
मुज़फ़्फ़रनगर के जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित विश्व रोगी सुरक्षा सप्ताह के दौरान रोगी सुरक्षा को चिकित्सा व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया गया। पोस्टर प्रतियोगिता, सामूहिक शपथ और इंटरनल सेफ्टी ऑडिट के जरिए अस्पताल में सुरक्षित उपचार को लेकर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का मुख्य फोकस महिला मरीजों और नवजात शिशुओं की देखभाल में संक्रमण नियंत्रण, दवा सुरक्षा और बेहतर संवाद पर रहा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।