राजधानी में ठंड का तेज असर
उत्तर भारत के कई हिस्सों में आज सुबह से कड़ाके की सर्दी महसूस की गई। नई दिल्ली में न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे गया और कई इलाकों में कोल्ड वेव कंडीशन दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक राजधानी के प्रमुख मौसम स्टेशनों पर पारा सामान्य से चार से पांच डिग्री तक कम रिकॉर्ड हुआ।
दिल्ली के आयानगर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस नोट किया गया, जो राजधानी में आज का सबसे कम स्तर रहा। पालम में तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह बीते 13 वर्षों में पालम का सबसे कम तापमान बताया गया है।
पालम में 13 साल का न्यूनतम स्तर
मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले पालम में 7 जनवरी 2013 को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इससे भी पहले 11 जनवरी 1967 को पालम में माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जो अब तक का सबसे कम स्तर है। मौजूदा आंकड़े दिखाते हैं कि इस साल की सर्दी भी पुराने रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंच चुकी है।
दिल्ली के अन्य इलाकों में भी ठंड का असर साफ देखा गया। रिज इलाके में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से लगभग 4.4 डिग्री नीचे है। लोधी रोड में पारा 4.6 डिग्री और सफदरजंग में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
कोल्ड वेव की स्थिति
आईएमडी के मुताबिक जब किसी इलाके में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री कम हो जाता है तो उसे कोल्ड वेव की श्रेणी में रखा जाता है। आज दिल्ली के कई मौसम स्टेशनों के आंकड़े इसी रेंज में रहे, जिससे राजधानी में कोल्ड वेव घोषित की गई है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड जारी रहने की संभावना जताई है। इसी के चलते दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार रात और सुबह के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा और तापमान में हल्की और गिरावट देखी जा सकती है।
कोहरा और दृश्यता पर असर
ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घने कोहरे की भी रिपोर्ट सामने आई है। कई इलाकों में विजिबिलिटी कम रही, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार कुछ फ्लाइट्स की टाइमिंग में हल्का बदलाव किया गया, जबकि कई हाईवे पर वाहन धीमी रफ्तार से चलते देखे गए।
रेलवे सूत्रों ने बताया कि कुछ ट्रेनों को भी कोहरे की वजह से देर से चलाया गया। ट्रैफिक पुलिस ने ड्राइवरों को लो बीम हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
आम लोगों पर असर
ठंड बढ़ने के कारण राजधानी के कई हिस्सों में लोग अलाव जलाकर गर्मी लेते दिखे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खुले बाजारों में लोग ऊनी कपड़े, कंबल और जैकेट पहने नजर आए। सुबह और शाम के समय सड़कों पर भीड़ कम रही।
डॉक्टर्स ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बहुत ठंड में बाहर निकलने से सांस की तकलीफ, ब्लड प्रेशर और सर्दी से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
उत्तर भारत में ठंड का हाल
दिल्ली के अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों में भी तापमान काफी नीचे चला गया है। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में कई शहरों में पारा 2 से 5 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ।
रविवार को राजस्थान का पिलानी देश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर में तापमान 1.7 डिग्री रहा, जिससे यह देश का दूसरा सबसे ठंडा शहर बना।
हरियाणा के हिसार और नारनौल में भी तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में सुबह के समय घना कोहरा देखा गया।
मौसम की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत में ठंडी हवाओं का असर बढ़ा है। हिमालयी क्षेत्र से आ रही शीत लहर और साफ आसमान की वजह से रात में तापमान तेजी से गिर रहा है। जमीन की सतह से निकलने वाली गर्मी रात में तेजी से निकल जाती है, जिससे न्यूनतम तापमान नीचे चला जाता है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गति कम होने से भी ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। नमी कम होने के कारण ठंडी हवा सीधे शरीर पर असर डाल रही है।
अगले कुछ दिन
आईएमडी का कहना है कि सोमवार और मंगलवार को भी ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। कुछ इलाकों में सुबह के समय कोहरा और घना हो सकता है। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन रात का तापमान कम ही रहेगा।
मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर अलर्ट अपडेट किया जाएगा। नागरिकों से कहा गया है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और ट्रैफिक एडवाइजरी पर ध्यान दें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।