स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता में एक महत्वपूर्ण प्रगति का दावा सामने आया है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य के अनुसार, ईरानी तेल और उससे जुड़े उत्पादों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने से संबंधित मसौदा समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है।
ईरानी समाचार एजेंसी के हवाले से प्रतिनिधिमंडल में शामिल अर्थशास्त्री हुसैन गोरबानजादेह ने कहा कि तेल प्रतिबंधों में सीमित और अस्थायी छूट लागू करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और अमेरिकी पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वार्ता का फोकस समझौता ज्ञापन की प्रमुख धाराओं को लागू करने और आगे की बातचीत के लिए आधार तैयार करने पर केंद्रित बताया जा रहा है। ईरानी प्रतिनिधि के अनुसार, मौजूदा चर्चा पांच प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रही है।
इनमें क्षेत्रीय संघर्षों को समाप्त करना, प्रभावित इलाकों में नाकेबंदी हटाना, होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को सामान्य बनाना, तेल एवं संबंधित उत्पादों पर अस्थायी प्रतिबंध राहत देना और ईरान की विदेशी संपत्तियों तक पहुंच बहाल करना शामिल है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि समझौते के कुछ अन्य प्रावधानों का क्रियान्वयन क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति में सुधार पर निर्भर करेगा। विशेष रूप से लेबनान से जुड़े घटनाक्रमों को वार्ता प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल प्रतिबंधों में अस्थायी राहत लागू होती है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी संभावित समझौते के प्रभाव का आकलन दोनों देशों की आधिकारिक पुष्टि और आगे की कूटनीतिक प्रगति के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता को पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। हालांकि, प्रतिबंधों में राहत से जुड़े दावों पर अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी, जब दोनों पक्ष औपचारिक रूप से समझौते की पुष्टि करेंगे।