बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की आगामी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को सेंसर बोर्ड से पास कराने के लिए 18 बदलाव करने पड़े। CBFC ने फिल्म के कई डबल मीनिंग डायलॉग और सीन पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कट्स लगाए गए। इससे पहले अक्षय की फिल्म ‘भूत बंगला’ में भी 5 कट्स लगे थे। यह फिल्म अब उनके करियर की सबसे ज्यादा सेंसर की गई कॉमेडी फिल्म बन गई है।
बॉलीवुड में कॉमेडी फिल्मों के लिए मशहूर अक्षय कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म की कहानी या स्टारकास्ट नहीं, बल्कि उस पर लगे सेंसर कट्स हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है।
‘वेलकम टू द जंगल’ को जब सेंसर बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के कई हिस्सों पर आपत्ति जताई। खासतौर पर डबल मीनिंग डायलॉग्स, कुछ विजुअल सीन और कॉमेडी के नाम पर दिखाए गए संकेतात्मक कंटेंट को लेकर बोर्ड ने सख्ती दिखाई।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अक्षय कुमार की छवि एक फैमिली फ्रेंडली स्टार की रही है। उनकी फिल्मों को आमतौर पर हर उम्र के दर्शक बिना झिझक देख सकते हैं।
अक्षय कुमार ने अपने करियर में कई हिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिनमें ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘वेलकम’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में हास्य का स्तर आमतौर पर हल्का-फुल्का और पारिवारिक रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब अक्षय कुमार की किसी फिल्म पर सेंसर की कैंची चली हो। उनकी पिछली फिल्म ‘भूत बंगला’ में भी 5 कट्स लगाए गए थे।
CBFC का काम फिल्मों को प्रमाणित करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त हों।
फिल्म पर लगे कट्स की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग सेंसर बोर्ड के फैसले का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे क्रिएटिव फ्रीडम में हस्तक्षेप बता रहे हैं।
यह सवाल लंबे समय से उठता रहा है कि क्या सेंसर बोर्ड की सख्ती फिल्मों की क्रिएटिविटी को प्रभावित करती है।
भारत जैसे विविधता वाले देश में फिल्मों का प्रभाव व्यापक होता है। ऐसे में सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
इस तरह के मामलों का असर पूरी फिल्म इंडस्ट्री पर पड़ता है। निर्माता और निर्देशक अब ज्यादा सतर्क हो जाते हैं और कंटेंट को लेकर पहले से ही सावधानी बरतने लगते हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि फिल्म रिलीज के बाद दर्शकों का क्या रिएक्शन होगा।
‘वेलकम टू द जंगल’ का यह सेंसर विवाद केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा में कंटेंट और सेंसरशिप के बीच संतुलन की बहस को फिर से सामने लाता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।