धार्मिक यात्राओं के नाम पर बढ़ते साइबर अपराधों के बीच गौतमबुद्धनगर साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हज और उमरा यात्रा के सस्ते पैकेज का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान बरेली निवासी तसलीम साद के रूप में हुई है। वह तकनीकी रूप से प्रशिक्षित है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी को ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
सोशल मीडिया के जरिए बनाता था शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फोन कॉल और डिजिटल प्रचार के माध्यम से लोगों तक पहुंचता था। वह बेहद कम कीमत में हज और उमरा यात्रा कराने का दावा करता और वीजा, टिकट तथा अन्य सुविधाओं के नाम पर अग्रिम भुगतान लेता था।
राशि प्राप्त होने के बाद वह ग्राहकों से संपर्क समाप्त कर देता था और यात्रा संबंधी कोई सेवा उपलब्ध नहीं कराता था।
कई राज्यों से सामने आई शिकायतें
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें दर्ज हुई हैं। शुरुआती जांच में लगभग 46 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। अधिकारियों का मानना है कि पीड़ितों की संख्या बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
डिजिटल सबूतों से मिली सफलता
साइबर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है।
इन साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी यात्रा पैकेज को बुक करने से पहले एजेंसी की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। केवल अधिकृत और पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही भुगतान करें तथा सोशल मीडिया विज्ञापनों के आधार पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने से बचें।
निष्कर्ष
हज और उमरा जैसी धार्मिक यात्राओं के नाम पर होने वाली यह ठगी साइबर अपराधियों की नई रणनीति को उजागर करती है। पुलिस की कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, वहीं लोगों को भी ऑनलाइन लेनदेन के दौरान अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।