
Delhi CM Rekha Gupta attacked during public hearing, accused arrested, police investigation underway – Shah Times
CM रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, आरोपी गिरफ्तार।
दिल्ली की सियासत गरमा गई CM रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, सुरक्षा चूक पर सियासत गर्म।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
New Delhi , ( Shah Times) । दिल्ली की सियासत उस वक़्त गरमा गई जब सुबह के वक़्त सीएम आवास पर साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान एक शख़्स ने अचानक से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला कर दिया। यह हमला न सिर्फ़ दिल्ली की राजनीतिक हलचलों को तेज़ कर गया बल्कि सुरक्षा इंतज़ामात पर भी बड़े सवाल खड़े कर गया।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, जैसे ही मुख्यमंत्री अपने दफ़्तर में जनता की समस्याएं सुन रही थीं, एक व्यक्ति अचानक ज़ोर से चिल्लाता हुआ अंदर आया। उसने पहले मुख्यमंत्री को धक्का दिया, फिर थप्पड़ मार दिया और गाली-गलौज करते हुए हाथापाई करने लगा।
पुलिस ने हमलावर को पकड़ा
हमलावर की पहचान राजेश भाई खिमजी भाई सकरिया के तौर पर हुई है, जिसकी उम्र 41 साल बताई जा रही है। शुरुआती पूछताछ में उसने खुद को राजकोट का रहने वाला बताया। हालांकि अभी तक इस हमले की असली वजह सामने नहीं आई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी किसी कोर्ट केस से नाराज़ था और उसी संदर्भ में मुख्यमंत्री से मिलना चाहता था। लेकिन सुरक्षा घेरे को तोड़कर सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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सुरक्षा में बड़ी चूक
हमले के बाद पूरे सीएम आवास पर अफ़रातफ़री मच गई। सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए लेकिन इस घटना ने यह साफ़ कर दिया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में गहरी चूक हुई है।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर, डीसीपी नॉर्थ और कई वरिष्ठ अफ़सर मौके पर पहुंच गए हैं। अब यह जांच की जा रही है कि आखिर आरोपी सीएम रेखा गुप्ता तक कैसे पहुंच गया।
मेडिकल जांच के लिए डॉक्टर बुलाए गए
सीएम रेखा गुप्ता को तत्काल मेडिकल जांच के लिए डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन पूरी जांच के बाद ही स्थिति साफ़ होगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
भाजपा की कड़ी निंदा
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा:
“यह हमला बेहद शर्मनाक है। मुख्यमंत्री पर इस तरह का हमला लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। पुलिस को तुरंत और सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
आप ने साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने ट्वीट कर कहा:
“दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हमला निंदनीय है। असहमति की जगह लोकतंत्र में है लेकिन हिंसा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह दिल्ली पुलिस की नाकामी है।”
कांग्रेस का बड़ा बयान
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा:
“अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता और महिलाएं कैसे सुरक्षित होंगी? यह घटना महिला सुरक्षा पर सवालिया निशान है।”
जनता का ग़ुस्सा और मायूसी
घटना के समय बड़ी संख्या में लोग सीएम आवास पर अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। लेकिन इस हमले के बाद माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। लोग ग़ुस्से और मायूसी में नज़र आए।
एक महिला ने कहा, “हम दूर-दूर से अपनी शिकायत लेकर आए थे लेकिन अब डर है कि अगली बार हमें अंदर आने दिया जाएगा या नहीं।”
लोकतंत्र और सुरक्षा पर सवाल
यह घटना सिर्फ़ एक मुख्यमंत्री पर हमला नहीं बल्कि लोकतंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा हमला है।
क्या नेताओं की सुरक्षा में ढिलाई बढ़ रही है?
क्या आम नागरिकों के लिए भी यही हाल है?
क्या इस तरह की घटनाएं राजनीतिक अस्थिरता को हवा देती हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि लोकतंत्र में असहमति ज़रूरी है, लेकिन हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं।
नतीजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला राजनीति, सुरक्षा और लोकतंत्र—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच जारी है। लेकिन इस घटना से एक बड़ा संदेश यह निकलता है कि अगर लोकतंत्र की रक्षा करनी है तो सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करना होगा और असहमति को अहिंसक तरीक़े से व्यक्त करना होगा।






