
Violent protests erupt in Dhaka after the death of Sharif Usman Hadi – Shah Times
हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसक प्रदर्शन, अखबारों के दफ्तरों पर हमला
सिंगापुर में हादी की मौत, बांग्लादेश में आगजनी और तोड़फोड
सिंगापुर में शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे।
प्रदर्शनकारियों ने अखबारों और राजनीतिक दफ्तरों को निशाना बनाया।
📍Dhaka ✍️Asif Khan
सिंगापुर में मौत, ढाका में उबाल
बांग्लादेश के प्रमुख आंदोलनकारी और इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत के बाद देश की राजधानी ढाका में हालात तनावपूर्ण हो गए। गुरुवार देर रात हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं दर्ज की गईं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
मीडिया संस्थानों पर हमला
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने करवान बाजार इलाके में स्थित प्रमुख अखबार प्रथम आलो और डेली स्टार के दफ्तरों पर हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भीड़ ने इमारतों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर और दस्तावेज बाहर निकालकर आग लगा दी। कुछ समय के लिए पत्रकार और कर्मचारी इमारत के अंदर फंसे रहे, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
सांस्कृतिक संस्था को नुकसान
ढाका में ही स्थित ऐतिहासिक सांस्कृतिक संस्था छायानट को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। वर्ष 1961 में स्थापित यह संस्था बंगाली संस्कृति, संगीत और नृत्य के संरक्षण के लिए जानी जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ ने परिसर में आग लगाई और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
राजशाही और अन्य शहरों में घटनाएं
ढाका के अलावा राजशाही में भी तनाव देखा गया। वहां अवामी लीग के एक स्थानीय दफ्तर को बुलडोजर से गिरा दिया गया। चश्मदीदों के अनुसार शुक्रवार तड़के करीब डेढ़ बजे प्रदर्शनकारी एक बुलडोजर लेकर पहुंचे और भवन को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। चटगांव में भी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं।
नारेबाजी और सड़क जाम
हादी की मौत की खबर फैलते ही शाहबाद चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। कुछ समय के लिए मुख्य सड़कें जाम कर दी गईं। प्रदर्शनकारी तख्तियां लेकर निकले और सुरक्षा एजेंसियों पर हादी की सुरक्षा में नाकामी का आरोप लगाया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
हादी की मौत की पृष्ठभूमि
शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई थी। अज्ञात हमलावर ने उनके सिर में गोली चलाई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। 15 दिसंबर को उन्हें एयर एम्बुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, जहां सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और सिंगापुर के अधिकारियों ने मौत की पुष्टि की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीएनपी के कार्यवाहक चेयरमैन तारिक रहमान ने हादी की मौत पर दुख जताया। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने घटना को दुखद बताते हुए अंतरिम सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की। अन्य राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी संवेदना व्यक्त की है।
अंतरिम सरकार की अपील
हादी की मौत के बाद अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। सरकार ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की और मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाओं का ऐलान किया। यूनुस ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दी जाएगी।
सुरक्षा और जांच
सरकार के अनुसार हिंसा और आगजनी की घटनाओं की जांच के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। राजधानी और प्रमुख शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कौन थे शरीफ उस्मान हादी
शरीफ उस्मान हादी एक राजनीतिक कार्यकर्ता और छात्र नेता थे। वे इंकलाब मंच के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और जुलाई 2024 के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा चुके थे। वे आगामी चुनाव में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में प्रचार कर रहे थे। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश की राजनीति और सड़कों पर हालात तेजी से बदल गए हैं, जबकि प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटा हुआ है।







