
शहरी ट्रैफिक के लिए हवा में नया विकल्प
शहरी ट्रैफिक की बढ़ती चुनौती के बीच सरला एविएशन ने अपने एयर टैक्सी प्रोग्राम की ग्राउंड टेस्टिंग शुरू की है। यह पहल भारत के निजी एयरोस्पेस सेक्टर में एक अहम चरण मानी जा रही है।
शहरी ट्रैफिक और नई जरूरत
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में रोज़ का ट्रैफिक यह दिखाता है कि शहरी ढांचा अपनी सीमा तक पहुंच चुका है। सड़कों पर बढ़ता दबाव, लंबे कम्यूट टाइम और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भरता ने एक नए समाधान की जरूरत को सामने रखा है। इसी संदर्भ में बेंगलुरु आधारित एयरोस्पेस स्टार्टअप सरला एविएशन ने अपने एयर टैक्सी प्रोग्राम की ग्राउंड टेस्टिंग शुरू की है। यह कदम शहरी परिवहन के लिए हवा में विकल्प तलाशने की दिशा में देखा जा रहा है।
ग्राउंड टेस्टिंग की शुरुआत
कंपनी के अनुसार, बेंगलुरु स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में ग्राउंड टेस्टिंग की शुरुआत की गई है। यह चरण डिजिटल डिजाइन और लैब-स्केल प्रयोगों से आगे बढ़कर वास्तविक एयरक्राफ्ट-स्केल वैलिडेशन का हिस्सा है। इस फेज में स्ट्रक्चर, प्रोपल्शन सिस्टम और सेफ्टी आर्किटेक्चर को जमीन पर परखा जा रहा है। किसी भी एविएशन प्रोग्राम के लिए यह वह स्तर होता है जहां इंजीनियरिंग कॉन्सेप्ट को व्यवहारिक रूप में जांचा जाता है।
डिजिटल कॉन्सेप्ट से हकीकत तक
सरला एविएशन का एयर टैक्सी प्रोग्राम अब कोर वैलिडेशन फेज में प्रवेश कर चुका है। कंपनी का कहना है कि इस चरण में डिजाइन, मटेरियल और सिस्टम इंटीग्रेशन को बड़े स्केल पर टेस्ट किया जाता है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि भविष्य में होने वाली फ्लाइट टेस्टिंग से पहले सभी प्रमुख तकनीकी पहलुओं की पुष्टि हो सके। इस कदम को कंपनी अपने प्रोग्राम के लिए निर्णायक मोड़ मान रही है।
कम समय में विकास
कंपनी ने बताया कि लगभग नौ महीनों के डेवलपमेंट वर्क में इस स्तर तक पहुंचना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। वैश्विक स्तर पर ऐसे प्रोग्राम आमतौर पर अधिक समय और पूंजी लेते हैं। सरला एविएशन का दावा है कि सीमित निवेश में इस माइलस्टोन को हासिल करना भारत की निजी एयरोस्पेस इंडस्ट्री में इंजीनियरिंग स्पीड और सिस्टम मैच्योरिटी को दर्शाता है। यह उपलब्धि घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर भी ध्यान खींचती है।
SYL-X1 डेमॉन्स्ट्रेटर की भूमिका
ग्राउंड टेस्टिंग के लिए तैयार किया गया SYL-X1 एक फंक्शनल सब-स्केल एयरक्राफ्ट है। इसे स्ट्रक्चरल बिहेवियर, प्रोपल्शन इंटीग्रेशन और सिस्टम-लेवल सेफ्टी को परखने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। कंपनी के मुताबिक यह कोई अकादमिक मॉडल नहीं है, बल्कि इसे शुरू से ही सर्टिफिकेशन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यही प्लेटफॉर्म भविष्य में 15 मीटर विंगस्पैन वाले फुल-स्केल एयरक्राफ्ट की नींव बनेगा।
इंजीनियरिंग और मानक
सरला एविएशन के को-फाउंडर और चीफ टेक्निकल ऑफिसर राकेश गोंकर ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय इंजीनियरिंग टैलेंट की क्षमता को दिखाती है। उनके अनुसार, कंपनी का फोकस तेजी से आगे बढ़ने के बजाय टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले सिस्टम पर रहा है। उनका कहना है कि वैश्विक मानकों के अनुसार डिजाइन और टेस्टिंग से भविष्य में सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।
फंडिंग और राष्ट्रीय मंच
ग्राउंड टेस्टिंग के साथ-साथ कंपनी ने एक फुल-स्केल स्टैटिक एयरक्राफ्ट भी तैयार किया है, जिसे भारत मोबिलिटी जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा सरला एविएशन ने कुल 13 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है। कंपनी का कहना है कि यह फंडिंग लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट और एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में मददगार होगी।
शहरी परिवहन के लिए योजना
सरला एविएशन का फ्लैगशिप प्रोग्राम एक छह-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी है। इसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली और पुणे जैसे शहरों में कम्यूट टाइम घटाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। कंपनी का लक्ष्य है कि शॉर्ट-डिस्टेंस शहरी यात्रा को तेज और अधिक कुशल बनाया जा सके। यह एयर टैक्सी इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन पर आधारित होगी, जिससे ऑपरेशनल एमिशन कम रखने पर जोर दिया जा रहा है।
एयरपोर्ट साझेदारी
2024 में बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी सेवा शुरू करने के लिए सरला एविएशन के साथ साझेदारी की थी। दोनों पक्षों के बीच सस्टेनेबल एयर मोबिलिटी को लेकर एक स्टेटमेंट ऑफ कोलैबोरेशन साइन किया गया था। इसमें विशेष रूप से eVTOL एयरक्राफ्ट के विकास और संचालन पर फोकस रखा गया है। ग्राउंड टेस्टिंग की शुरुआत के साथ इस साझेदारी से जुड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रगति देखी जा रही है।
आगे की राह
कंपनी के अनुसार, ग्राउंड टेस्टिंग के बाद अगला चरण चरणबद्ध तरीके से फ्लाइट टेस्टिंग की ओर बढ़ना होगा। सभी परीक्षण नियामक आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाएंगे। सरला एविएशन का लक्ष्य 2028 तक शहरी कम्यूट के लिए एयर टैक्सी सेवा को वास्तविकता में बदलना है। मौजूदा टेस्टिंग को भारत में निजी एयरोस्पेस सेक्टर के विकास में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।






