
इस्लामाबाद इमामबाड़ा विस्फोट में 31 की मौत, 169 ज़ख्मी
जुमे की नमाज़ के वक्त धमाका, इस्लामाबाद में हाई अलर्ट
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जुमे की नमाज़ के दौरान एक इमामबाड़े में विस्फोट हुआ।
घटना में अब तक 31 लोगों की मौत और 169 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।इस्लामाबाद के तरलाई इलाके स्थित एक इमामबाड़े में नमाज़ के दौरान विस्फोट हुआ।
पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं, जांच जारी है।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के शहज़ाद टाउन क्षेत्र के तरलाई इलाके में स्थित एक इमामबाड़े में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के दौरान विस्फोट हुआ। यह धमाका दोपहर के समय हुआ, जब बड़ी संख्या में लोग इबादत में शामिल थे। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट की तीव्रता अधिक थी, जिससे इमामबाड़े के अंदर और आसपास के हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
हताहतों की संख्या
इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस ने बताया कि इस घटना में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 169 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में अधिकतर स्थानीय नागरिक हैं, जिनमें अधिकांश पुरुष शामिल हैं।
राहत और बचाव कार्य
धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस, रेस्क्यू 1122, और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया। राहत कर्मियों ने इमामबाड़े के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कई घंटे तक अभियान चलाया। आसपास के इलाकों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया।
अस्पतालों में आपात स्थिति
घटना के बाद इस्लामाबाद के प्रमुख अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, पॉलीक्लिनिक अस्पताल और CDA अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड, बर्न यूनिट, ऑर्थोपेडिक और न्यूरोलॉजी विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं।
विस्फोट की प्रकृति पर जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट की प्रकृति को लेकर जांच जारी है। फॉरेंसिक टीमों को घटनास्थल से सबूत इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विस्फोट आत्मघाती था या पहले से लगाए गए किसी उपकरण के जरिए किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आत्मघाती हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। इस्लामाबाद के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। चेकपोस्ट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है और शहर में गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
जिम्मेदारी का दावा नहीं
अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी संगठन ने नहीं ली है। जांच एजेंसियां विभिन्न पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सबूतों का विश्लेषण किया जाएगा।
विदेशी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर इस्लामाबाद में मौजूद हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस घटना का उनके कार्यक्रम या सुरक्षा व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। राष्ट्रपति के सभी कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी हैं।
स्थानीय प्रशासन के कदम
इस्लामाबाद प्रशासन ने घटना के बाद आपात बैठक बुलाई। वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात की समीक्षा की और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने यह भी कहा है कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिजनों को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
पूर्व की घटनाओं से जुड़ाव
अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में पहले हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। नवंबर 2025 में G-11 क्षेत्र में हुए विस्फोट का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। हालांकि, मौजूदा घटना का किसी पूर्व मामले से सीधा संबंध है या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद इलाके में भय और चिंता का माहौल है। स्थानीय निवासी अपने घरों में सीमित हैं और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की है।
जांच की आगे की प्रक्रिया
फॉरेंसिक और जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।




