
BSP chief Mayawati during a meeting in Lucknow focused on expanding the party’s base among OBC communities.
बहन मायावती ने कहा — समाज के हर तबके तक पार्टी का संदेश पहुंचे, मतदाता सूची में नाम जुड़वाना हर नागरिक का संवैधानिक कर्तव्य है।
बीएसपी प्रमुख मायावती ने ओबीसी समाज से जुड़ाव के लिए नई रणनीति बनाई। कहा—बहुजन समाज के हर वर्ग को संगठित कर पार्टी का जनाधार बढ़ाना लक्ष्य।
लखनऊ, 01 नवम्बर 2025, शनिवार | शाह टाइम्स
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं बहन मायावती जी ने आज लखनऊ में आयोजित एक अहम बैठक में “ओबीसी समाज को जोड़ो अभियान” की नई रणनीति पेश की।
बैठक का मक़सद था — पार्टी के ‘पिछड़ा वर्ग समाज भाईचारा संगठन’ के ज़रिए बीएसपी के जनाधार को मज़बूत करना और सामाजिक एकता को नई दिशा देना।
बैठक में बी.एस.पी. प्रदेश अध्यक्ष विश्वपाल पाल, श्री राम अवतार मित्तल और श्री मेवालाल गौतम सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
मायावती ने कहा कि पार्टी के सभी ज़िला स्तरीय पदाधिकारी ज़मीनी स्तर पर काम को गति दें और ओबीसी समाज के लोगों तक पार्टी की विचारधारा — “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” — को पहुँचाएं।
🔸 मायावती का संदेश — “मतदाता सूची में नाम जोड़ना सबसे पहला काम”
मायावती ने कहा कि वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) यानी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण अभियान में सभी लोगों को भाग लेना चाहिए।
उन्होंने कहा —
“वोट हमारा संवैधानिक अधिकार है। लोकतंत्र में सत्ता की मास्टर चाबी जनता के हाथ में है। इसलिए हर व्यक्ति को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना और वोट डालना ज़रूरी है।”
उन्होंने बीएसपी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि हर योग्य व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज हो और जिनका नाम नहीं है, उनका नया पंजीकरण कराया जाए।
🔸 BAMCEF को लेकर सफाई — “यह कोई पार्टी नहीं, सामाजिक संगठन है”
बैठक में मायावती ने BAMCEF (Backward and Minority Communities Employees Federation) के बारे में फैल रही भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि —
“BAMCEF कोई राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि पढ़े-लिखे कर्मचारियों का सामाजिक मंच है, जिसका उद्देश्य बहुजन समाज के लोगों में शिक्षा, जागरूकता और आत्म-सम्मान बढ़ाना है।”
उन्होंने बताया कि BAMCEF की स्थापना स्वयं कांशीराम जी ने की थी और वही असली संगठन है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो अन्य लोग “बामसेफ” नाम से अलग-अलग मंच बना रहे हैं, वे जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
🔸 ओबीसी समाज के लिए नई रणनीति
मायावती ने कहा कि बीएसपी हमेशा से गरीबों, मज़दूरों, छोटे व्यापारियों और समाज के वंचित तबकों की आवाज़ रही है।
उन्होंने कहा —
“हमारा मक़सद है कि बहुजन समाज के सभी हिस्से — दलित, आदिवासी, पिछड़े, मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक — एक साथ आएं। यही बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना था।”
उन्होंने पार्टी संगठन को निर्देश दिया कि आने वाले चुनावों में ओबीसी वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
इसके लिए ज़िला स्तर पर कार्यशालाएँ, जनसंवाद और भाईचारा सम्मेलनों की श्रृंखला चलाई जाएगी।
🔸 मायावती का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण
मायावती ने कहा कि बीएसपी सिर्फ़ सत्ता पाने की पार्टी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की विचारधारा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा —
“सच्चे बीएसपी कार्यकर्ता वही हैं जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के दबे-कुचले लोगों के अधिकारों के लिए खड़े रहें। यह आंदोलन सिर्फ़ राजनीति नहीं, आत्म-सम्मान की लड़ाई है।”
🔸 बैठक में ज़िलेवार समीक्षा और आगामी कार्यक्रम
बैठक में पार्टी के सभी जिला प्रभारी और भाईचारा संगठनों के प्रमुख मौजूद थे।
बीएसपी नेतृत्व ने उनसे भूतपूर्व प्रगति रिपोर्ट ली और आगे के कार्यों की रूपरेखा तय की।
मायावती ने निर्देश दिया कि
“संगठन में अनुशासन, एकजुटता और जमीनी सक्रियता ही 2026 के चुनावों में सफलता की कुंजी बनेगी।”
बैठक का अगला सत्र 10 नवम्बर को प्रस्तावित है, जिसमें अब तक की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।






