
दर्द से राहत पाने के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है अरंडी का तेल?

भारत में जब से आयुर्वेद की शुरुआत हुई और इसका असर आज भी लोगों की दिनचर्या में देखा जा सकता है। हजारों सालों से यहां जड़ी-बूटियों के जरिए गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है। यही कारण है कि पूरी दुनिया आज भारतीय आयुर्वेद को मान्यता देती है। इन्हीं जड़ी-बूटियों में एक पौधा है अरंडी, जो चौड़े पत्तों और छोटे कद वाला पौधा होता है। खास बात यह है कि यह आसानी से कहीं भी उग जाता है और इसके पत्ते से लेकर बीज तक, हर हिस्सा स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
आयुर्वेद में कुछ ऐसे चमत्कारी और पोषण देने वाले तेलों के बारे में बताया गया है, जो स्किन की केवल बाहरी देखभाल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के भीतर तक जाकर संतुलन स्थापित करते हैं। ऐसा ही अरंडी का तेल है, जिसे आयुर्वेद में मन, शरीर और कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने के लिए जाना जाता है। यह शरीर में दोषों को संतुलित करने से लेकर मन को शांत करने तक में मददगार है।
अरंडी के तेल के फायदे?
बालों के लिए फायदेमंद
अरंडी का तेल बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को जड़ों से मजबूत करते हैं। डॉ. के अनुसार इसके नियमित इस्तेमाल से बाल लंबे, घने और चमकदार हो जाते हैं। रूसी और ड्राई हेयर जैसी समस्या भी दूर हो जाती है।
बॉडी पेन से राहत मिलना
सर्दियों में अरंडी के तेल की मालिश शिशु से लेकर बुजुर्गों तक के लिए लाभकारी है। यह रक्त संचार को बढ़ाता है, जकड़न को कम करता है, मांसपेशियों को गहराई से पोषण देकर ऊर्जा लौटाता है और कोशिकाओं को बल देता है. नाभि पर उपयोग करने से पाचन में होने वाली जटिलताएं कम होती हैं, जिससे गैस और भारीपन से राहत मिल सकती है।
पेट संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद में कब्ज को केवल पाचन की समस्या नहीं, बल्कि शरीर में शुष्कता का संकेत माना गया है। कब्ज पेट और आंतों दोनों को कमजोर कर देती है। इसके लिए गुनगुने पानी में कुछ बूंदे अरंडी के तेल की लेना जरूरी है। ये आंतों में नमी को बनाए रखने में मदद करता है और पेट साफ होने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है।





