
शीतकालीन यात्रा की तैयारी, मुखबा में होगी मां गंगा की पूजा
चारों धामों में अब तक 4946576 यात्रियों ने किये दर्शन
गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद, अब मुखबा में होगी मां गंगा की पूजा। चारधाम यात्रा में अब तक 49 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन।
शाह नज़र
देहरादून। उत्तराखंड में गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन व धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने मां गंगा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
महाराज ने कहा कि कपाट बंद होना यात्रा के अगले चरण की तैयारी का प्रतीक है। अब मां गंगा की पूजा-अर्चना शीतकालीन गद्दीस्थल मुखबा गांव में की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे शीतकालीन यात्रा के दौरान मुखबा, खरसाली, ऊखीमठ और जोशीमठ में मां गंगा, मां यमुना, भगवान केदारनाथ और बद्री विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा ने उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने कहा कि गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद 23 अक्टूबर, भाई दूज के पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
अब तक इस वर्ष चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं—
यमुनोत्री धाम: 6,44,366
गंगोत्री धाम: 7,57,762
केदारनाथ धाम: 17,45,065
बद्रीनाथ धाम: 15,24,942
कुल मिलाकर अब तक 49,46,576 यात्रियों ने चारों धामों के दर्शन किए हैं। अनुमान है कि शेष धामों के कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख का रिकॉर्ड पार कर जाएगा।
महाराज ने कहा कि मां गंगा का आशीर्वाद प्रदेशवासियों और देशभर के भक्तों पर बना रहे और यह शीतकालीन यात्रा भी श्रद्धा और आस्था से परिपूर्ण हो।




