
सोने सा सैमसन और जस्सी जैसा कोई नहीं
टी20 क्रिकेट के मैदान में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है। लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया। यह कामयाबी सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं बल्कि उस सिस्टम, मेहनत और जज़्बे का नतीजा है जिसने भारतीय क्रिकेट को दुनिया की सबसे मजबूत ताकत बना दिया है। बल्लेबाज़ी की ताबड़तोड़ ताकत, गेंदबाज़ी की क़ातिलाना धार और मैदान पर बेहतरीन फ़ील्डिंग ने भारत को टी20 क्रिकेट का नया पैमाना बना दिया है।
📍New Delhi ✍️ Nasir Rana
भारतीय टीम ने T20 क्रिकेट में अद्भुत खेल दिखाते हुए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड जैसी सशक्त टीम को एक तरफा मात देकर लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती जो अपने आप में अभी तक एक विश्व कीर्तिमान भी है क्योंकि अभी तक कोई भी टीम लगातार दो बार T20 में विश्व चैंपियन नहीं बन सकी है हालांकि टीम इंडिया ने इस फॉर्मेट में तीसरी बार वर्ल्ड कप जीता है सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2007, 2024 में रोहित शर्मा की कैप्टनशिप में और अब 2026 में सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में एक नया सूर्योदय हुआ है।
यूं तो हम पहले भी कई बार चैंपियन बन चुके हैं मगर इस बार की जीत के मायने बिल्कुल अलग है।
नॉक आउट मैचों में टीम इंडिया ने जो बेमिसाल प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी टीमों को इतना रन टारगेट दिया कि अपनी बारी आने से पहले ही सेमीफइनल में इंग्लैंड और फाइनल मुक़ाबले में न्यूजीलैंड पूरी तरह हार मान बैठी थी।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के सामने 254 रनों का टारगेट और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 256 रनों का लक्ष्य भारतीय टीम ने दिया था
यह टीम इंडिया की प्रतिबद्धता कड़ी मेहनत और कुशलता का प्रमाण है कि लगातार दो बार 120 गेंदों में 250 प्लस का स्कोर बनाना हर किसी टीम के बूते की बात नहीं है।
इसके अलावा सुपर 8 का वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो वाले मैच में टीम इंडिया का 195 रनों का चेस भी अपने आप में टीम इंडिया की उपलब्धि बयान करता है।
भारत की मौजूदा T20 क्रिकेट टीम में एक से बढ़कर एक स्टार खिलाड़ी है इस टीम को देखकर 1980 के दशक की वेस्टइंडीज टीम , 2000 के बाद की रिकी पोंटिंग के नेतृत्व वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की याद दिलाती है।
टीम इंडिया की मौजूदा खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस बल्लेबाजी, क्षेत्ररक्षण या गेंदबाजी के क्षेत्र में दुनिया की तमाम टीमों को बौना साबित करती है बल्लेबाजी में जहां सलामी जोड़ी के रूप में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन तीसरे स्थान पर ईशान किशन ने अपनी उपस्थित इंटरनेशनल मंच पर दिखाकर सबको हैरान कर दिया है क्योंकि क्योंकि तीनों की बैटिंग स्टाइल पावर प्ले खत्म होने के बाद भी 10 रन प्रति ओवर से ज्यादा रहती है जिससे विपक्षी टीम में लगातार दबाव में बिखरती जाती है और टीम इंडिया निखरती जाती है इनके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, शिवम दुबे व हार्दिक पांड्या जैसे हार्ड हीटर टीम में मौजूद है जो किसी भी लक्ष्य को भेद सकते हैं वहीं दूसरी और गेंदबाजी की बात अगर की जाए तो दुनिया का नंबर एक गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती स्पिन गेंदबाजी की अगवाई करते हैं तो वही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह तेज गेंदबाजी की कमान अपने हाथों में खुद लेकर टीम के लिए संकटमोचक साबित होते हैं सेमीफाइनल में और फाइनल में मिली जीत का आधार भी जसप्रीत बुमराह ही रहे हैं।
दुनिया की तमाम क्रिकेट एक्सपर्ट भी मानते हैं कि पिच सपाट हो या उछाल भरा हो जसप्रीत बुमराह दुनिया के किसी भी विकेट पर विपक्षी बल्लेबाजों को धराशाई कर देते हैं। संजू सैमसंग की वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 की नाबाद पारी सेमी फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में भी न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज तर्रार 89 रनों की पारी हमेशा क्रिकेट इतिहास में याद रखी जाएगी।





