
सर्दियों के मौसम में इस चाय को पीने से सेहत को मिल सकते हैं अनेक फायदें?

सर्दियों का मौसम जितना अच्छा होता है उतना ही कहीं ज्यादा यह अपने साथ बीमारियां लेकर आता है। ठंड में बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक सर्दी खांसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में उन्हें बहुत सी दवाईयों का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत है। क्योंकि आज हम आपको एक ऐसी चाय के बारे में बताने वाले हैं, जिसको पीने से आप सर्दी खांसी जैसी समस्याओं से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कौन सी है वह चाय?
सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, खांसी समेत अन्य संक्रमणों का खतरा भी बढ़ जाता है। कमजोर इम्यूनिटी इन बीमारियों की बड़ी वजह बनती है, इसलिए इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता का खास ख्याल रखना जरूरी है।ऐसे में अश्वगंधा की चाय का सेवन बेहद फायदेमंद है। आयुर्वेद के अनुसार, सदियों से इस्तेमाल हो रही यह जड़ी-बूटी इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ तनाव कम करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए जानी जाती है। अश्वगंधा की चाय सर्दियों में बेहद फायदेमंद है। यह न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाती है बल्कि जोड़ों के दर्द, गठिया और तनाव में भी राहत देती है।
अश्वगंधा चाय पीने के फायदें?
इम्यूनिटी मजबूत होना
ठंड के मौसम में हमारा इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर हो जाता है जिसके चलते हम बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में अश्वगंधा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम और इन्फेक्शन आपके पास फटकने से भी डरते हैं।
जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत मिलना
जैसे-जैसे पारा गिरता है, घुटनों और कमर का दर्द बढ़ने लगता है . आयुर्वेद कहता है कि ठंड में ‘वात’ दोष बढ़ जाता है, जो जोड़ों में समस्या पैदा करता है . अश्वगंधा इसे बैलेंस करता है और अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से गठिया के दर्द में किसी रामबाण से कम नहीं है .
तनाव से राहत
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक साइलेंट किलर है। अश्वगंधा दिमाग में ‘कोर्टिसॉल’ यानी (तनाव बढ़ाने वाला हॉर्मोन) को कंट्रोल करता है। रात को इसकी चाय पीने से दिमागी थकान दूर होती है और नींद भी गहरी आती है।
कैसे बनाएं अश्वगंधा की चाय।
अश्वगंधा की चाय बनाना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले आप एक कप पानी गर्म करें। फिर इसमें आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर डालें। इसे 5 से 10 मिनट तक अच्छी तरह उबालें और
छानकर इसमें थोड़ा शहद या नींबू मिला लें।
ध्यान रखने योग्य बातें?
प्रेग्नेंट महिलाएं या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसे चाय को न लें।
अगर आपको थायराइड या कोई ऑटोइम्यून बीमारी है, तो डॉक्टर से पूछे बिना इसका सेवन न करें।






