
Foggy morning and winter weather conditions across North India – Shah Times
आईएमडी अलर्ट: बारिश, बर्फबारी और खराब हवा की चेतावनी
उत्तर भारत में अगले दो से तीन दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं। आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश, बर्फबारी, घना कोहरा और तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
📍New Delhi ✍️Asif Khan
नए साल 2026 में उत्तर भारत के मौसम में बदलाव के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान के ऊपर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इस प्रणाली के प्रभाव से आने वाले दो से तीन दिनों तक मौसम की स्थिति बदली रह सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि इस समय वायुमंडलीय परिस्थितियां ऐसी हैं, जिनसे उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल, हल्की बारिश और ठंड में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी
आईएमडी के मुताबिक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। खासकर कश्मीर घाटी में बुधवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश या बर्फबारी दर्ज की जा सकती है। गुलमर्ग, पहलगाम और आसपास के इलाकों में बर्फ जमने की आशंका जताई गई है। इससे पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और स्थानीय आवागमन प्रभावित हो सकता है।
मैदानी इलाकों का हाल
मैदानी इलाकों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर देखा जा सकता है। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इससे तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। दिल्ली-एनसीआर में भी बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।
तापमान में गिरावट की संभावना
मौसम विभाग का कहना है कि इस प्रणाली के गुजरने के बाद न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। रात के समय ठंड अधिक महसूस हो सकती है। उत्तर भारत के कई शहरों में पहले से ही सर्द हवाओं का असर बना हुआ है, ऐसे में बारिश और बादलों के कारण ठिठुरन बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में घना कोहरा
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता काफी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह के समय सामान्य दृश्यता करीब 250 मीटर दर्ज की गई, जबकि रनवे पर यह 600 से 1000 मीटर के बीच रही।
उड़ान सेवाएं प्रभावित
कोहरे के कारण हवाई परिचालन पर बड़ा असर पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 148 उड़ानें रद्द की गईं। इनमें 70 उड़ानें दिल्ली से प्रस्थान करने वाली थीं, जबकि 78 उड़ानें दिल्ली पहुंचने वाली थीं। इसके अलावा दो उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर मोड़ा गया। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई यात्राएं पुनर्निर्धारित की गईं।
ट्रेन सेवाओं पर असर
घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी देखा गया। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं। दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति कम रखी गई, जिससे समय प्रभावित हुआ।
जहरीली हवा और कोहरे की दोहरी मार
दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कोहरे के साथ-साथ वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनी हुई है। एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को हवा की गुणवत्ता के ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने की चेतावनी जारी की है। कमजोर हवा की गति और प्रतिकूल वेंटिलेशन इंडेक्स इसके प्रमुख कारण बताए गए हैं।
वेंटिलेशन इंडेक्स और हवा की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से नीचे रहने की संभावना है। हवा की गति लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे कम रहने का अनुमान है। ऐसी स्थिति में प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे रह सकते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
येलो अलर्ट जारी
आईएमडी ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि कोहरा पिछले दिन की तुलना में अधिक घना रहा। अगले कुछ दिनों तक सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है।
एयरलाइंस की एडवाइजरी
घने कोहरे को देखते हुए एक प्रमुख एयरलाइन ने यात्रियों के लिए यात्रा एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि कम दृश्यता के कारण दिल्ली और उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी हो सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की नियमित जांच करें और समय से पहले हवाई अड्डे पर पहुंचें।
यात्रियों के लिए सुझाव
एयरलाइन और मौसम विभाग दोनों ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है। कोहरे की स्थिति बनी रहने पर आगमन और प्रस्थान दोनों प्रभावित हो सकते हैं। सड़क यात्रा करने वालों को भी धीमी गति से चलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
आगे के दिनों का अनुमान
आईएमडी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, ठंड का असर बना रह सकता है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान और गिर सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में रातें ज्यादा ठंडी रहने की संभावना है।
प्रशासन की तैयारी
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां मौसम पर नजर बनाए हुए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क साफ रखने और आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में हवाई और रेल यातायात से जुड़ी एजेंसियां स्थिति के अनुसार कदम उठा रही हैं।
स्थिति पर नजर
मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी नियमित रूप से जारी की जाएगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें।





