अगर आप भी बाहर से दूध खरीदते हैं तो इन बातों का ध्यान अवश्य रखें

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फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा अलग-अलग राज्यों में मिलावटी दूध को रोकने को लेकर लगातार छापेमारी भी की जाती है।

New Delhi,(Shah Times) । दूध एक ऐसा तरल पदार्थ है जिसके अंदर सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। ऐसा कोई भी इंसान नही है जिसको दूध की जरूरत नहीं होती है।इसी के साथ अगर हम भारत की बात करे तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। क्योंकि गाय, भैंस जैसे दूध देने वाले पशुओं की संख्या यहां सबसे ज्यादा पाई जाती है।

सर्वे के हिसाब से 2021 में भारतीय डेयरी मार्केट लगभग 13 लाख करोड़ का था, जिसके 2027 तक लगभग 31 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इसका कारण ये है कि पिछले तीन दशकों में शहरीकरण और लोगों की आय बढ़ने के कारण डेयरी प्रोडक्ट्स की खपत में तेजी से इजाफा हुआ है। लेकिन दूध की बढ़ती मांग के साथ मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं।

खाने पीने की अगर हम बात करे तो उनमें से दूध भी एक महत्वपूर्ण पदार्थ है। हमे स्वस्थ रहने के लिए दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए। लेकिन इस महंगाई के दौर में सब्जियों से लेकर फलों और भी खाने पीने की सारी वस्तुओं में मिलावट पूरे चरम पर है। आजकल तो दूध में पानी तो मिलते ही साथ ही साथ रसायनिक खाद यूरिया से लेकर डिटर्जेंट पाउडर तक मिलाया जाता है। आज इसी मुद्दे पर हम चर्चा करने वाले है।

फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा अलग-अलग राज्यों में मिलावटी दूध को रोकने को लेकर लगातार छापेमारी भी की जाती है। इसी साल जनवरी में राजस्थान के अलवर में 3 हजार लीटर मिलावटी दूध पकड़ा गया, जो मुख्य रूप से रिफाइंड तेल से बनाया गया था। मिलावट वाला दूध सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है। ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके घर में जो दूध आ रहा है, वह असली है या नकली। कई बार सही जानकारी न होने की वजह से सिंथेटिक, मिलावटी दूध और शुद्ध दूध के बीच अंतर कर पाना मुश्किल होता है।

चलिए आपको बताते हैं मिलावटी दूध पीने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

दूध एक सुपरफूड है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इसका सेवन करते हैं। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम के अलावा विटामिन बी 12, मैग्‍नीशियम, मिनरल्स और फैट जैसे जरूरी न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं।
लेकिन ये सभी न्यूट्रिएंट्स तभी मिलते हैं, जब दूध बिल्कुल शुद्ध हो। क्योंकि
मिलावटी दूध में न केवल जीरो न्यूट्रिएंट्स होते हैं बल्कि ये शरीर को भारी नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
मिलावटी दूध पीने से उल्टी, दस्त जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर कोई लंबे समय तक मिलावटी दूध पीता है तो उसकी किडनी व लिवर को भी नुकसान पहुंच सकता है।

दूध में किस चीज की मिलावट की जाती है

अगर हम कुछ सालों पहले की बात करे तो तब दूध में पानी मिलाने की खबरें मिलती थीं, लेकिन पिछले कुछ सालों में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए पानी की बजाय उसमें यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, माल्टोडेक्सट्रिन पाउडर मिलाया जाने लगा है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक होता है।

दूध में मिलावट करने से क्या होता है

दूध में फैट और सॉलिड-नॉट-फैट यानी SNF होता है। नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार मिलावटखोरों द्वारा दूध में कुछ इस तरह की चीजों को मिलाया जाता है।

  • यूरिया या फर्टिलाइजर मिलाने से दूध की मात्रा बढ़ने के साथ ही एसएनएफ और फैट भी बढ़ जाता है।
  • न्यूट्रलाइजर मिलाने से दूध में खटास पैदा नहीं होती है।
  • दूध जल्दी खराब न हो, इसलिए उसमें हाइड्रोजन पेरॉक्साइड और फॉर्मालिन मिलाया जाता है।
  • अमोनिया व यूरिया के कारण खराब हुए टेस्ट को ठीक करने के लिए दूध में आटा व स्टार्च मिलाया जाता है।
  • गाय के शुद्ध दूध में फैट की मात्रा 3.5 प्रतिशत और सॉलिड नॉन फैट की मात्रा 8.5 प्रतिशत होनी चाहिए जबकि भैंस के दूध में फैट की मात्रा 5 प्रतिशत और सॉलिड नॉन फैट की मात्रा 9.5 प्रतिशत होनी चाहिए।

पानी मिले हुए दूध की पहचान कैसे करें

दूध में पानी मिला है या नहीं यह जानने का सबसे आसान और घरेलू तरीका यह है, दूध की कुछ बूंदों को किसी प्लास्टिक या किसी अन्य वस्तु के प्लेन सतह पर डालें। इसके बाद इसे थोड़ा टेढ़ा करें, अगर दूध की बूंद सफेद लकीर छोड़ते हुए धीरे-धीरे बह रही हो तो इसका मतलब दूध में पानी की मिलावट नहीं है। वहीं अगर सफेद निशान न छोड़े तो इसका मतलब पानी की मिलावट की गई है।

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