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'IMPAR' ने की हरियाणा में शांति-सुलह की अपील

None • 2023-08-03 12:33:53
'IMPAR' ने की हरियाणा में शांति-सुलह की अपील

मुस्लिम बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को करेगा नूंह में हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा

नई दिल्ली। मुस्लिम बुद्धिजीवियों के थिंकटैंक 'इंडियन मुस्लिम्स फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म' यानि 'इंपार' (IMPAR) ने हरियाणा के नूंह जिले में हुई हालिया हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एंपायर (IMPAR) ने हरियाणा (Haryana) की सरकार (Government) और प्रशासन से हिंसक घटनाओं को तत्काल रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है इन बार के झंडे करें मुस्लिम बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नूंह में हिंसा ग्रस्त इलाकों का दौरा भी करेगा ‌

'इंपार' (IMPAR) ने ज़ूम पर वर्चुअल बैठक करके हरियाणा (Haryana) में हो रही हिंसक घटनाओं का विश्लेषण और उस पर चर्चा की। इसमें पाया कि मेवात में स्थिति बेहद गंभीर है, भारी पुलिस उपस्थिति के बावजूद उकसावे की कार्रवाइयां अनियंत्रित हो रही हैं। ज्यादातर मीडिया रिपोर्टिंग और बहसों ने घटना की मुख्य वजहों को नजरअंदाज कर दिया है। इसमें कथित तौर पर कुख्यात अपराधी मोनू मानेसर का एक वीडियो शामिल है। मोनू दो महीने पहले जुनेद और नासिर की हत्याओं सहित कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

हैरानी की बात यह है कि मोनू मानेसर अभी भी फरार है। सबसे अफसोसनाक बात यह है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं कर रही है। परिणामस्वरूप, उसके वीडियो आने के बाद मुस्लिम समुदाय ने असंगत प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अब बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं, जबकि यह कुख्यात अपराधी और उसके गिरोह के लोग अभी भी मुक्त हैं, जो कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

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'इंपार' (IMPAR) ने गुरुग्राम जिले के सोहना में हुई हिंसा की रिपोर्ट और एक मस्जिद पर हमले और इमाम की मौत के साथ हरियाणा (Haryana) के अन्य हिस्सों में फैलने वाली हिंसा को समान रूप से परेशान करने वाली घटनाएं करार दिया है। इंपार ने कहा है कि एक इलाके से गुजर रहे धार्मिक जुलूस पर हमले और उसके परिणामस्वरूप हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों की जान चली गई। ये एक बेहद गंभीर और दुखद घटना है। इसे किसी भी प्रकार उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अंपायर ने आगे कहा है, 'इन घटनाओं में जानमाल का नुकसान, चोटें और संपत्ति का विनाश, शांति की नाजुकता और सभी समुदायों के बीच एकता और समझ की आवश्यकता की याद दिलाता है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, यह जरूरी है कि हम शांति, संवाद और मेल-मिलाप को बढ़ावा देने के लिए एक समाज के रूप में एक साथ आएं। हम सभी हितधारकों से आगे की हिंसा को रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए निर्णायक कदम उठाने का आह्वान करते हैं।'

व्यावहारिक दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए 'इंपार' ने कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। इंपार ने कहा है, 'हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों से घटनाओं की गहन जांच करने और अपराधियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह करते हैं। हिंसा भड़काने के किसी भी प्रयास को रोकने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृश्यमान और सक्रिय उपस्थिति बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सिस्टम में सभी के विश्वास और विश्वास के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।'

'हम समुदाय के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और प्रभावशाली व्यक्तियों से अंतर-सामुदायिक संवाद शुरू करने और उसमें भाग लेने का आग्रह करते हैं। खुली और सम्मानजनक बातचीत दूरियां पाट सकती है, गलतफहमियां दूर कर सकती है और आपसी विश्वास को बढ़ावा दे सकती है। हम सभी समुदाय और धार्मिक नेताओं से एक साथ आने और शांति और समझ को बढ़ावा देने के लिए संवाद में शामिल होने का आह्वान करते हैं। विभिन्न समुदायों के बीच किसी और तनाव को रोकने के लिए सद्भाव और सहिष्णुता के महत्व पर जोर देना महत्वपूर्ण है।'

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मेवात सांप्रदायिक दंगा आपात परिस्थितियों का नतीजा नहीं बल्कि एक संगठित आंदोलन का हिस्सा

#ShahTimes

मुस्लिम बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को करेगा नूंह में हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा

नई दिल्ली। मुस्लिम बुद्धिजीवियों के थिंकटैंक 'इंडियन मुस्लिम्स फॉर प्रोग्रेस एंड रिफॉर्म' यानि 'इंपार' (IMPAR) ने हरियाणा के नूंह जिले में हुई हालिया हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। एंपायर (IMPAR) ने हरियाणा (Haryana) की सरकार (Government) और प्रशासन से हिंसक घटनाओं को तत्काल रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है इन बार के झंडे करें मुस्लिम बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को नूंह में हिंसा ग्रस्त इलाकों का दौरा भी करेगा ‌

'इंपार' (IMPAR) ने ज़ूम पर वर्चुअल बैठक करके हरियाणा (Haryana) में हो रही हिंसक घटनाओं का विश्लेषण और उस पर चर्चा की। इसमें पाया कि मेवात में स्थिति बेहद गंभीर है, भारी पुलिस उपस्थिति के बावजूद उकसावे की कार्रवाइयां अनियंत्रित हो रही हैं। ज्यादातर मीडिया रिपोर्टिंग और बहसों ने घटना की मुख्य वजहों को नजरअंदाज कर दिया है। इसमें कथित तौर पर कुख्यात अपराधी मोनू मानेसर का एक वीडियो शामिल है। मोनू दो महीने पहले जुनेद और नासिर की हत्याओं सहित कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

हैरानी की बात यह है कि मोनू मानेसर अभी भी फरार है। सबसे अफसोसनाक बात यह है कि पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं कर रही है। परिणामस्वरूप, उसके वीडियो आने के बाद मुस्लिम समुदाय ने असंगत प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अब बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हो रही हैं, जबकि यह कुख्यात अपराधी और उसके गिरोह के लोग अभी भी मुक्त हैं, जो कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।

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'इंपार' (IMPAR) ने गुरुग्राम जिले के सोहना में हुई हिंसा की रिपोर्ट और एक मस्जिद पर हमले और इमाम की मौत के साथ हरियाणा (Haryana) के अन्य हिस्सों में फैलने वाली हिंसा को समान रूप से परेशान करने वाली घटनाएं करार दिया है। इंपार ने कहा है कि एक इलाके से गुजर रहे धार्मिक जुलूस पर हमले और उसके परिणामस्वरूप हुई हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों की जान चली गई। ये एक बेहद गंभीर और दुखद घटना है। इसे किसी भी प्रकार उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अंपायर ने आगे कहा है, 'इन घटनाओं में जानमाल का नुकसान, चोटें और संपत्ति का विनाश, शांति की नाजुकता और सभी समुदायों के बीच एकता और समझ की आवश्यकता की याद दिलाता है। इस महत्वपूर्ण मोड़ पर, यह जरूरी है कि हम शांति, संवाद और मेल-मिलाप को बढ़ावा देने के लिए एक समाज के रूप में एक साथ आएं। हम सभी हितधारकों से आगे की हिंसा को रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए निर्णायक कदम उठाने का आह्वान करते हैं।'

व्यावहारिक दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए 'इंपार' ने कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं। इंपार ने कहा है, 'हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों से घटनाओं की गहन जांच करने और अपराधियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह करते हैं। हिंसा भड़काने के किसी भी प्रयास को रोकने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दृश्यमान और सक्रिय उपस्थिति बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सिस्टम में सभी के विश्वास और विश्वास के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।'

'हम समुदाय के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और प्रभावशाली व्यक्तियों से अंतर-सामुदायिक संवाद शुरू करने और उसमें भाग लेने का आग्रह करते हैं। खुली और सम्मानजनक बातचीत दूरियां पाट सकती है, गलतफहमियां दूर कर सकती है और आपसी विश्वास को बढ़ावा दे सकती है। हम सभी समुदाय और धार्मिक नेताओं से एक साथ आने और शांति और समझ को बढ़ावा देने के लिए संवाद में शामिल होने का आह्वान करते हैं। विभिन्न समुदायों के बीच किसी और तनाव को रोकने के लिए सद्भाव और सहिष्णुता के महत्व पर जोर देना महत्वपूर्ण है।'

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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