
Waqf Amendment Bill पर संसदीय समिति (JPC) ने वक्फ संपत्तियों पर रह रहे 10-15 लाख किरायेदारों की समस्याओं को गंभीर बताया। रिपोर्ट में कानूनी सुरक्षा और दीर्घकालिक लीज की सिफारिश की गई है। पढ़ें पूरी खबर।
ओवैसी की सरकार को चेतावनी, कहा- मुस्लिम समुदाय खारिज कर देगा
नई दिल्ली,(Shah Times) । वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill )को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने हाल ही में इस बिल पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें वक्फ संपत्तियों पर रह रहे किरायेदारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है।
देशभर में लाखों वक्फ किरायेदारों की चिंता
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में लगभग 10 से 15 लाख लोग वक्फ संपत्तियों पर किरायेदार के रूप में रह रहे हैं। अकेले दिल्ली में 2,600 किरायेदार वक्फ संपत्तियों में बसे हुए हैं। इन किरायेदारों का कहना है कि वे तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और दुकानों व घरों की मरम्मत भी अपने खर्चे से कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें बेदखली और संपत्तियों की नीलामी का डर सता रहा है।
वक्फ किरायेदारों की मुख्य समस्याएं
उत्तराधिकार का अधिकार नहीं: किरायेदारों का आरोप है कि यदि कोई किरायेदार गुजर जाता है, तो उनके उत्तराधिकारी को अधिकार नहीं दिया जाता और वक्फ बोर्ड नई फीस वसूलने का प्रयास करता है।
मनमाना किराया और दान: समय-समय पर वक्फ बोर्ड ने किरायेदारों से बड़ी धनराशि दान के रूप में ली और किराया भी बढ़ाया, लेकिन अब उन्हें संपत्ति खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कानूनी सुरक्षा की मांग: किरायेदारों ने सरकार से लंबी अवधि के पट्टे (लीज) देने की मांग की है ताकि वे सुरक्षित रह सकें और वक्फ संपत्तियां भी संरक्षित रहें।
जेपीसी ने सरकार से की सिफारिशें
संसदीय समिति ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार से ठोस कानूनी कदम उठाने की अपील की है। समिति ने कहा कि वक्फ बोर्ड और किरायेदारों के बीच भरोसे और सहयोग का माहौल बनना चाहिए ताकि दोनों पक्षों का भला हो सके।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में सरकार से यह सिफारिश की है कि: ✔ किरायेदारों को दीर्घकालिक लीज (लीजहोल्ड व्यवस्था) मिले ताकि वे बेदखली के डर के बिना रह सकें। ✔ वक्फ संपत्तियों के किरायेदारों को उचित कानूनी सुरक्षा दी जाए ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो। ✔ वक्फ बोर्ड द्वारा की जा रही नीलामी की प्रक्रिया की समीक्षा हो और इसे न्यायसंगत बनाया जाए।
ओवैसी का विरोध, सरकार को चेतावनी
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर मोदी सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि यदि इस बिल को मौजूदा स्वरूप में लाया गया तो देश में सामाजिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।
ओवैसी ने कहा: “अगर यह विधेयक पारित हुआ तो पूरा मुस्लिम समुदाय इसे खारिज कर देगा। इससे देश को 80-90 के दशक की स्थिति में धकेलने की कोशिश की जा रही है।”
क्या होगा आगे?
जेपीसी ने बीते सप्ताह बहुमत से वक्फ संशोधन विधेयक पर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। अब संभावना है कि इस सत्र में यह विधेयक सदन में पेश किया जाएगा। इस पर पक्ष और विपक्ष में गहरी बहस होने की संभावना है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार वक्फ किरायेदारों की मांगों पर कितना ध्यान देती है और क्या इस बिल में संशोधन कर संतुलित समाधान निकाला जाएगा या नहीं।
Stay tuned for more updates on Waqf Amendment Bill!




