मुज़फ्फरनगर को स्मार्ट सिटी और नगर निगम दर्जा दिलाने की पहल तेज़। मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने सीएम योगी संग विकास, बिजली और न्याय के मुद्दों पर चर्चा की।
Muzaffarngar (Shah Times)। उत्तर प्रदेश के कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाक़ात की और मुज़फ्फरनगर को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। यह मुलाक़ात महज़ शिष्टाचार भर नहीं थी, बल्कि शहर के विकास और प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान की मांग
मुलाक़ात के दौरान अग्रवाल ने कहा कि मुज़फ्फरनगर नगर पालिका क्षेत्र के लिए एक समग्र इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जाए, जिससे शहर को स्मार्ट सिटी की तर्ज़ पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुव्यवस्थित और जनसुविधा केंद्रित बनाया जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की बढ़ती जनसंख्या, यातायात दबाव और नागरिक सुविधाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए एक ऐसा विकास खाका तैयार होना चाहिए, जो आने वाले दशकों के लिए भी टिकाऊ हो।
ऊर्जा और जनसमस्याओं पर चर्चा
प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री डॉ. ए.के. शर्मा से भी कपिलदेव अग्रवाल ने विस्तृत बातचीत की।
मुख्य रूप से दो अहम विषयों पर चर्चा हुई:
मुज़फ्फरनगर को स्मार्ट सिटी की तर्ज़ पर विकसित करने हेतु विशेष इंटीग्रेटेड प्लान।
शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की समस्याओं का स्थायी समाधान।
डॉ. शर्मा ने इन मुद्दों पर सकारात्मक रुख़ दिखाते हुए आवश्यक सहयोग और कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

न्याय और संवेदनशील मुद्दे
मुलाक़ात में अग्रवाल ने हाल ही में हुए मोनू खटीक हत्याकांड पर भी चर्चा की और पीड़ित परिवार को न्याय व आर्थिक सहायता की मांग रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए कठोर कार्रवाई और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
गंगा बैराज पुल और अन्य मुद्दे
इसके अतिरिक्त कपिलदेव अग्रवाल ने गंगा बैराज पुल की समस्याओं को शीघ्र हल करने का आग्रह भी किया। यह पुल क्षेत्रीय यातायात के लिए अहम है और इसके अधूरे कार्यों या समस्याओं से आमजन परेशान हैं।
मुज़फ्फरनगर में लंबे समय से नगर पालिका परिषद को नगर निगम बनाने की मांग उठती रही है।
बताया जा रहा है कि कैबिनेट की अगली बैठक में इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
दो साल पहले शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था।
अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले मुज़फ्फरनगर को नगर निगम का दर्जा मिल सकता है।
नगर निगम बनने से शहर को वित्तीय संसाधनों, योजनाओं और प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही नागरिकों को अपेक्षाकृत बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं प्राप्त होंगी।
मुज़फ्फरनगर का पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान है। यदि इसे नगर निगम और स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलता है, तो यह बीजेपी सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश किया जा सकता है।
यहाँ की जनसंख्या, सामाजिक ताना-बाना और राजनीतिक प्रभाव देखते हुए यह कदम 2027 के चुनावी समीकरण को सीधे प्रभावित करेगा।
मुज़फ्फरनगर के स्मार्ट सिटी और नगर निगम बनने की दिशा में उठाए जा रहे ये कदम विकास, आधुनिकता और नागरिक सुविधाओं को नया आयाम देंगे। कपिलदेव अग्रवाल की पहल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति से यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वर्षों में मुज़फ्फरनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक सुनियोजित और सशक्त शहरी केंद्र बन सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।