
कपसाड़ हत्याकांड में पुलिस को सफलता, युवती सुरक्षित
मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। किडनैप युवती को बरामद कर लिया गया है और मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
📍 Meerut ✍️ Asif Khan
मेरठ ज़िले के कस्बा सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में दो दिन पहले हुई दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। किडनैप की गई २१ साल की युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। इसी कार्रवाई के दौरान हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों को अब उत्तराखंड से मेरठ लाया जा रहा है ताकि आगे की कानूनी प्रोसीडिंग पूरी की जा सके।
इस केस ने इलाके में काफ़ी हलचल पैदा की थी। घटना के बाद से गांव में तनाव की सूरत बनी हुई थी और भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस और पीएसी के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे थे ताकि किसी भी तरह की लॉ एंड ऑर्डर की सिचुएशन न बने।
कैसे हुई गिरफ्तारी और बरामदगी
मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मीडिया को बताया कि आरोपी की तलाश और युवती की रिकवरी के लिए दस से ज़्यादा पुलिस टीमें लगाई गई थीं। इन टीमों में मेरठ और सहारनपुर दोनों जिलों की पुलिस शामिल थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल ट्रैकिंग और मैनुअल मुखबिरी की मदद से आरोपियों की मूवमेंट पर नज़र रखी जा रही थी।
पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी और युवती उत्तराखंड की तरफ़ गए हैं। इसी आधार पर टीमों को वहां रवाना किया गया। शनिवार को पुलिस ने वहां से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया और युवती को भी बरामद कर लिया। एसएसपी के मुताबिक युवती सुरक्षित है और मेडिकल जांच के बाद उसे उसके परिवार के हवाले किया जाएगा।
एसएसपी का बयान
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि केस को बहुत गंभीरता से लिया गया था। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के साथ साथ स्थानीय इनफॉर्मर नेटवर्क भी एक्टिव रखा गया था। गांव और आसपास के इलाकों में लगातार पूछताछ चल रही थी। परिजनों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिला, जिससे दोनों तक पहुंचना संभव हुआ।
एसएसपी ने यह भी कहा कि गांव में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी तरह से माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घटना का पूरा ब्यौरा
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब आठ बजे कपसाड़ गांव की रहने वाली दलित महिला सुनीता अपनी २१ साल की बेटी रूबी के साथ खेत पर गन्ना छीलने जा रही थी। गांव के बाहर रजवाहा पुल के पास गांव निवासी पारस सोम अपने साथी सुनील और दो अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि उन्होंने मां और बेटी पर हमला किया।
हमले के दौरान रूबी को जबरन उठा लिया गया और सुनीता ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने सुनीता के सिर पर फरसा से वार किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी रूबी को अपने साथ ले गए।
घटना के बाद हालात
वारदात के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया था। मृतका के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए थे। स्थिति को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती बढ़ा दी गई। एसपी देहात, एएसपी और सीओ सरधना ने मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर रखी।
मृतका के बेटे नरसी की शिकायत पर पारस सोम और सुनील समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। परिजनों ने पहले महिला के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था और आरोपी की गिरफ्तारी तथा बेटी की बरामदगी की मांग पर अड़े थे। अधिकारियों के समझाने के बाद शुक्रवार देर शाम अंतिम संस्कार किया गया।
रिकवरी ऑपरेशन में पुलिस की भूमिका
एसपी देहात अभिजीत कुमार के नेतृत्व में पांच से अधिक टीमों को युवती की तलाश में लगाया गया था। इन टीमों ने अलग अलग लोकेशन पर छापेमारी की। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, टॉवर लोकेशन और अन्य डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही हाईवे और बॉर्डर इलाकों पर भी निगरानी बढ़ाई गई थी।
इन प्रयासों का नतीजा शनिवार को सामने आया जब उत्तराखंड से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और युवती को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी और युवती को मेरठ लाया जा रहा है। यहां आरोपी से पूछताछ की जाएगी ताकि बाकी शामिल लोगों की पहचान हो सके। युवती का मेडिकल एग्ज़ामिनेशन कराया जाएगा और उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद कोर्ट में आरोपी को पेश किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि केस से जुड़े सभी एविडेंस इकट्ठा किए जा रहे हैं ताकि चार्जशीट मज़बूत तरीके से दाखिल की जा सके।
सुरक्षा और शांति व्यवस्था
कपसाड़ गांव और आसपास के इलाकों में अब भी पुलिस बल तैनात है। संवेदनशील जगहों पर पिकेट लगाए गए हैं। एसएसपी ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
राजनीतिक गतिविधियां और ट्रैफिक मूवमेंट
इस केस के बाद इलाके में कई राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। अलग अलग संगठनों और नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश की। इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर मेरठ की तरफ़ रवाना हुए थे।
गाजीपुर बॉर्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया था। इसके बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर हलचल देखने को मिली। पुलिस ने दिल्ली से मेरठ तक कई टोल प्लाजा पर सतर्कता बढ़ा दी थी ताकि ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।
हाईवे पर घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार जब सांसद चंद्रशेखर को गाजीपुर बॉर्डर पर रोका गया तो उन्होंने पैदल आगे बढ़ने की कोशिश की। कुछ दूरी तक वे सड़क पर दौड़ते हुए दिखे और उनके साथ सुरक्षा कर्मी और पुलिस भी थी। बाद में वे बाइक पर बैठकर मेरठ की तरफ़ रवाना हुए।
पुलिस का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया था ताकि गांव में पहले से मौजूद तनाव के बीच कोई नई स्थिति न बने।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस दोनों ने साफ किया है कि मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। युवती की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थिति अब कंट्रोल में है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह की ग़लत सूचना शेयर न करें।
मौजूदा स्थिति
शनिवार शाम तक पुलिस के अनुसार युवती और आरोपी दोनों को मेरठ लाया जा रहा था। रास्ते में मेडिकल और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस की निगरानी जारी है।
यह केस अब जांच के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।






