
बैंड पर बैठकर खाना खाने से हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है, जानिए?

आपने अक्सर देखा होगा कि पुराने समय के लोग हमेशा जमीन पर बैठकर खाना खाते थे और वह लंबे समय तक फिट रहते थे लेकिन आजकल के हमारे बदलते लाइफ स्टाइल और हमारी कुछ बुरी आदतों के चलते हैं ज्यादातर लोग बेड पर बैठकर खाना खाने लगे हैं जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बेड पर बैठकर खाना क्यों नहीं खाना चाहिए?
पहले के समय में लोग जमीन पर बैठकर आराम से खाना खाते थे। इसका सीधा संबंध सेहत और पाचन से जुड़ा हुआ था। लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के साथ आजकल कई लोग बेड पर बैठकर ही खाना खाने लगे हैं। घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर ऐसा करने से मना करते हैं और अब साइंस भी उनकी बात को सही मानता है। दरअसल, बेड पर बैठकर खाना न सिर्फ अशुभ माना जाता है, बल्कि यह सेहत के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इससे पाचन से लेकर नींद और इम्युनिटी तक पर बुरा असर पड़ता है। तो चलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि आखिर बेड पर बैठकर खाना क्यों नहीं खाना चाहिए।
खाना बैड पर बैठ कर क्यों नही खाना चाहिए?
पाचन संबंधी समस्याएं होना
बेड पर बैठकर या लेटकर खाना खाने का सबसे पहला असर पाचन पर होता है. बिस्तर पर हम सीधे बैठकर खाना नहीं खाते हैं, इससे पेट पर दबाव पड़ता है और पाचन रस सही तरह से काम नहीं कर पाते हैं। इससे गैस, अपच, पेट फूलना और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर जो लोग एसिडिटी या GERD से परेशान रहते हैं, उनके लिए बेड पर खाना और भी नुकसानदायक है।
ओवरईटिंग का खतरा बढ़ जाता है
बेड पर खाना खाते समय हमारा ध्यान खाने पर नहीं, बल्कि टीवी या मोबाइल स्क्रीन पर होता है। इससे माइंडफुल ईटिंग नहीं हो पाती और हमें पता ही नहीं चलता कि हम कितना खा चुके हैं। ऐसे में ज्यादा खाने की संभावना बढ़ जाती है, जो मोटापा और दूसरी लाइफस्टाइल बीमारियों की वजह बन सकती है।
बेड पर बैठकर खाना खाते समय ज्यादातर लोग मोबाइल या टीवी देखने लगते हैं। ऐसे में खाना खाने पर ध्यान नहीं रहता। जिसके चलते हम ज्यादा खाना खा लेते हैं। यह आदत धीरे-धीरे वजन बढ़ने का कारण बन सकती है, जिससे मोटापा और उससे जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
नींद पर असर पड़ना
बेड को दिमाग आराम और नींद से जोड़कर देखता है। जब उसी जगह पर खाना खाया जाता है, तो दिमाग कंफ्यूज हो सकता है। इससे नींद का साइकिल बिगड़ जाता है और सोने में परेशानी होने लगती है। इसके अलावा, बिस्तर गंदा होने से भी अच्छी और गहरी नींद नहीं आती, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
इंफेक्शन का खतरा बढ़ना
बेड पर खाना खाने से भोजन के कण वहां गिर जाते हैं, जिससे कीटाणु पनपने लगते हैं। यह जगह चींटियों, कॉकरोच और अन्य कीड़ों को आकर्षित करती है। इनसे संक्रमण फैलने का खतरा रहता है और कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
हमें क्या करना चाहिए?
हमेशा खाने के लिए डाइनिंग टेबल या तय जगह का इस्तेमाल करें। खाना बैठकर, शांत माहौल में और बिना स्क्रीन देखे खाएं। इससे पाचन बेहतर रहेगा और शरीर को पूरा पोषण मिलेगा।




