
Land fraud case: Fake deed gang busted, fraud of Rs 28 lakh
मुजफ्फरनगर के शाहपुर में लैंड फ्रॉड केस में दो गिरफ्तार, 10.50 लाख बरामद
📍Muzaffarnagar ✍️Asif Khan
मुजफ्फरनगर के शाहपुर थाना पुलिस ने फर्जी जमीन सौदे के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 10.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
मामले का खुलासा
मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े एक बड़े फ्रॉड केस का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार फर्जी कागजात और नकली पहचान पत्रों के जरिए लोगों की भूमि को बेचकर करोड़ों की ठगी की जा रही थी। इस केस में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से 10.50 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है।
यह कार्रवाई मेरठ जोन और सहारनपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई। जांच और निगरानी वरिष्ठ स्तर पर की जा रही थी ताकि पूरे नेटवर्क को समझा जा सके।
शिकायत और प्राथमिकी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता रियाज़ पुत्र नसीर, निवासी ग्राम पलड़ी, थाना शाहपुर, ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025 में उनकी भूमि से संबंधित फर्जी बैनामा तैयार कर लिया गया। इस प्रक्रिया में उनसे कुल 28 लाख रुपये लिए गए।
शिकायत के आधार पर थाना शाहपुर में मुकदमा संख्या 353/2025 दर्ज किया गया। इसमें बीएनएस की कई धाराएं जोड़ी गईं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस की जांच
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, जमीन के दस्तावेज, और पहचान पत्रों की जांच शुरू की। टीम ने पाया कि आरोपियों ने नकली आधार कार्ड और फर्जी बैंक खाते खोलकर चेक के जरिए पैसा प्राप्त किया था। इसके बाद रकम अलग-अलग खातों से निकालकर आपस में बांटी जाती थी।
जांच के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए, जिनसे यह साफ हुआ कि जमीन के असली मालिकों की जानकारी बदलकर फर्जी नामों से सौदे किए जा रहे थे।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
14 जनवरी 2026 को पुलिस ने शाहपुर क्षेत्र के सोरम गेट नंबर-02 के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान राजवीर उर्फ राज और इस्लाम उर्फ मुन्ना के रूप में हुई है। दोनों मुजफ्फरनगर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के समय उनके पास से 10.50 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जो कथित रूप से जमीन सौदे से प्राप्त किए गए थे।
आरोपियों की पहचान
राजवीर उर्फ राज, जयभगवान का पुत्र है और शाहदब्बर गांव, थाना बुढ़ाना का निवासी है।
इस्लाम उर्फ मुन्ना, शमशाद का पुत्र है और लद्दावाला, थाना खालापार क्षेत्र में रहता है।
पुलिस का कहना है कि ये दोनों अन्य साथियों के साथ मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।
धोखाधड़ी का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले जमीन के असली मालिकों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद फर्जी कागजात तैयार किए जाते थे, जिनमें नकली पहचान पत्र और गलत नाम-पते शामिल होते थे।
इसके जरिए जमीन के सौदे किए जाते थे और खरीदारों से मोटी रकम ली जाती थी। भुगतान अधिकतर चेक के माध्यम से लिया जाता था ताकि लेन-देन औपचारिक दिखे। बाद में ये चेक फर्जी बैंक खातों में जमा कराकर नकदी निकाल ली जाती थी।
जमीन सौदे का विवरण
पुलिस के अनुसार जुलाई 2025 में ग्राम बसीकलां क्षेत्र में स्थित एक जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए गए। लगभग 13 बीघा भूमि का एग्रीमेंट तय किया गया, जिसमें प्रति बीघा 7.55 लाख रुपये की दर से सौदा हुआ। रजिस्ट्री कुछ महीनों में कराने की बात कही गई थी।
इस सौदे के बदले दो अलग-अलग बैंकों के चेक लिए गए थे, जिन्हें बाद में फर्जी खातों में जमा कराया गया।
नकली पहचान और बैंक खाते
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग नामों से नकली आधार कार्ड बनवाए। इन्हीं पहचान पत्रों के आधार पर बैंक खाते खोले गए। चेक की रकम इन खातों में जमा कराकर बाद में कैश में निकाल ली गई।
यह तरीका इसलिए अपनाया गया ताकि असली नाम और पहचान से कोई लेन-देन दर्ज न हो सके।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद की। इसके अलावा कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जांच के लिए जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। बैंक खातों और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस के अनुसार यह मामला केवल एक व्यक्ति की शिकायत तक सीमित नहीं हो सकता। जांच से संकेत मिल रहे हैं कि इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है। इसलिए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
कानूनी प्रक्रिया
दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा। बरामद नकदी को केस प्रॉपर्टी के रूप में जब्त किया गया है। बैंक और भूमि रिकॉर्ड से जुड़े सबूतों को भी चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।
स्थानीय प्रभाव
शाहपुर और आसपास के क्षेत्रों में जमीन से जुड़े सौदे आम हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में सावधानी बढ़ी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदते समय सभी दस्तावेजों की पूरी जांच कराएं और केवल आधिकारिक रिकॉर्ड पर ही भरोसा करें।






