
छाछ का सेवन करने से हमारी हेल्थ पर कैसा असर पड़ता है, आइए जानते हैं?

भारतीय रसोई में छाछ यानी (बटर मिल्क) सदियों से शामिल रही है। गर्मियों में शरीर को ठंडक देने से लेकर पाचन सुधारने तक, छाछ को एक प्राकृतिक और सस्ता हेल्थ ड्रिंक माना जाता है। आयुर्वेद में भी इसे विशेष महत्व दिया गया है। आइए जानते हैं कि छाछ पीना सेहत के लिए कितना लाभकारी है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है!
छाछ पीने से होने वाले फायदे
पाचन तंत्र के लिए वरदान
छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है। भारी भोजन के बाद एक गिलास छाछ पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
शरीर को ठंडा रखने में सहायक
गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से बचाने में छाछ कारगर है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में तरल संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है।
वजन कंट्रोल करने में सहायक
छाछ में कैलोरी कम और पोषक तत्व अधिक होते हैं। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है, जिससे बार-बार खाने की आदत कम हो सकती है।
हड्डियों के लिए फायदेमंद
छाछ में कैल्शियम और फॉस्फोरस मौजूद होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन हड्डियों की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना
कुछ शोध बताते हैं कि छाछ में मौजूद तत्व रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसमें नमक मिलाकर पीने से उच्च रक्तचाप के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए।
छाछ पीते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- सर्दी-जुकाम या अत्यधिक ठंड में अधिक मात्रा में छाछ का सेवन न करें।
- रात में छाछ पीने से कुछ लोगों को कफ की समस्या हो सकती है।
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज नमक मिलाने से बचें।
- हमेशा ताजी और स्वच्छ तरीके से बनी छाछ ही पिएं।
निष्कर्ष
छाछ एक पौष्टिक, सस्ता और प्राकृतिक पेय है, जो पाचन सुधारने, शरीर को ठंडक देने और वजन नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। संतुलित मात्रा और सही समय पर सेवन करने से इसके अधिकतम लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।





