
पसली कैसे चलती है और इसके क्या लक्षण हैं, आइए जानते हैं?

बच्चों की पसली चलना है गंभीर बीमारी के लक्षण होते हैं इस बीमारी में बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है और वह हाफना शुरू कर देता है। ऐसे में हमें तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि कभी-कभी यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि पसली चलने के क्या लक्षण है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
पसली कैसे चलती है।
जब कोई बच्चा साँस लेते समय अपनी पसलियों के बीच या नीचे की त्वचा को अंदर की ओर खिंचता हुआ दिखाता है, तो आम भाषा में इसे “पसली चलना” कहा जाता है। चिकित्सा शब्दों में इसे रिब रिट्रैक्शन कहा जाता है। यह स्थिति सामान्य साँस लेने का तरीका नहीं है और अक्सर किसी श्वसन समस्या की ओर इशारा करती है।
पसली चलने का क्या मतलब है?
सामान्य रूप से साँस लेते समय बच्चे का सीना हल्का-सा ऊपर-नीचे होता है। लेकिन जब फेफड़ों में हवा जाने में दिक्कत होती है, तो शरीर ज़्यादा ज़ोर लगाकर साँस लेने की कोशिश करता है। इसी कोशिश में पसलियों के बीच की मांसपेशियाँ अंदर की ओर खिंच जाती हैं, जो बाहर से साफ़ दिखाई देती हैं।
बच्चों में पसली चलने के कारण
- श्वसन संक्रमण- सर्दी-खाँसी, निमोनिया, ब्रोंकियोलाइटिस
- दमा (अस्थमा)- साँस की नलियों में सूजन या सिकुड़न
- एलर्जी या धूल-धुएँ का असर
गंभीर सर्दी या वायरल संक्रमण - नवजात शिशुओं में फेफड़ों का पूरी तरह विकसित न होना या जन्म के बाद की श्वसन समस्या
साथ में दिखने वाले लक्षण
• तेज़ या कठिन साँस लेना
• नाक के पंखों का फूलना
• सीटी जैसी आवाज़ के साथ साँस (घरघराहट)
• बच्चा सुस्त या बेचैन दिखना
• दूध या भोजन ठीक से न लेना
कितनी गंभीर है यह स्थिति?
पसली चलना चेतावनी संकेत माना जाता है। यह बताता है कि बच्चे को साँस लेने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। कुछ मामलों में यह हल्का और अस्थायी हो सकता है, लेकिन कई बार यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
पसली चलने पर बचाव कैसे करें
- बच्चों को धूल-धुएँ और ठंडी हवा से बचाएँ
- समय पर टीकाकरण कराएँ
- सर्दी-खाँसी को नज़रअंदाज़ न करें
- दमा या एलर्जी वाले बच्चों की नियमित जाँच कराएँ?
निष्कर्ष
“पसली चलना” कोई बीमारी नहीं, बल्कि बीमारी का संकेत है। इसे पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बच्चों की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है। जागरूक माता-पिता और सही जानकारी बच्चों को गंभीर परेशानियों से बचा सकती है।





