
असली और नकली शहद की पहचान कैसे करें, आइए जानते हैं?

- बदलती जीवनशैली में शहद को सेहत का पर्याय माना जाता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक, शहद को ऊर्जा, पाचन और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला बताया गया है। लेकिन बढ़ती मांग के साथ बाज़ार में नकली और मिलावटी शहद की भरमार भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ी है। ऐसे में आम उपभोक्ता के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है—असली और नकली शहद की पहचान कैसे करें?
क्या है शहद में मिलावट का सच
विशेषज्ञों के अनुसार नकली शहद में अक्सर चीनी की चाशनी, ग्लूकोज़ सिरप, कॉर्न सिरप या रासायनिक फ्लेवर मिलाए जाते हैं। यह शहद दिखने में असली जैसा लगता है, लेकिन इसके पोषक तत्व लगभग न के बराबर होते हैं।
असली और नकली शहद की पहचान कैसे करें।
पानी से पहचान करें
एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद डालें।इसके बाद आप देखना की असली शहद पानी में नीचे बैठ जाएगा और जल्दी घुलेगा नहीं। नकली शहद तुरंत घुल जाता है।
अंगूठे से चैक करें।
अंगूठे पर शहद की एक बूंद रखें। असली शहद टिका रहता है और फैलता नहीं।नकली शहद फैलने लगता है।
जलाकर देखें।
रुई की बाती को शहद में डुबोकर जलाने की कोशिश करें। असली शहद आसानी से जल सकता हैनकली शहद में नमी अधिक होने से जलने में दिक्कत आती है।
कागज़ से चैक करें।
कागज़ पर शहद की कुछ बूंदें डालें।असली शहद कागज़ को गीला नहीं करता। नकली शहद कागज़ में समा जाता है। स्वाद और खुशबू भी बताती है सच्चाई
असली शहद का स्वाद हल्का तीखा और खुशबू प्राकृतिक होती है, जबकि नकली शहद जरूरत से ज्यादा मीठा और बिना किसी खास सुगंध के होता है
क्या है विशेषज्ञों की राय
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, “सिर्फ घरेलू परीक्षणों पर निर्भर रहना काफी नहीं है। बेहतर है कि उपभोक्ता विश्वसनीय ब्रांड या सीधे मधुमक्खी पालकों से शहद खरीदें।”
निष्कर्ष
शहद सेहत के लिए तभी लाभकारी है जब वह शुद्ध हो। थोड़ी सी जागरूकता और सतर्कता से न सिर्फ मिलावट से बचा जा सकता है, बल्कि अपने परिवार की सेहत की भी रक्षा की जा सकती है। अगली बार शहद खरीदते समय स्वाद और कीमत ही नहीं, उसकी शुद्धता को भी प्राथमिकता दें।






