
हमारी सेहत के लिए क्या फायदेमंद है चीनी या गुड़, आइए जानते हैं।

हम कई दशकों से सुनते आ रहें है कि चीनी और गुड़ में से हमारी सेहत के लिए गुड़ ज्यादा फायदेमंद होता हैं। पहले ज़माने के लोग चीनी कि जगह गुड़ का इस्तेमाल करते थे। कहा जाता है कि गुड हमारे लिए और भी कई तरह से फायदेमंद होता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसा बताने वाले हैं जिससे आपकी यह धारना टूटने वाली है कि गुड़ आपकी सेहत के लिए चीनी से ज्यादा सेहतमंद है। आइए जानते है कि चीनी या गुड कौन सा हमापी सेहत के लिए अच्छा है।
पीढ़ियों से हम सुनते आ रहे हैं कि गुड़ ‘ज्यादा सेहतमंद’ है, ‘नेचुरल’ है और ‘चीनी से बेहतर’ है। क्या आपने भी कभी यही सोचा है कि गुड़ खाकर आप सेहत के साथ इंसाफ कर रहे हैं? अगर हां, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि आज आपकी यह पुरानी धारणा टूटने वाली है। दरअसल, न्यूट्रिशनिस्ट रिता जैन ने इस बारे में क्या बताया है। आइए जानते हैं।
गुड़ vs चीनी: समझें पूरा साइंस
आमतौर पर, हम सोचते हैं कि गुड़ नेचुरल है, कम प्रोसेस्ड है और इसमें मिनरल्स होते हैं, जबकि चीनी एक रिफाइंड प्रोडक्ट है जो “प्लेन कैलोरी” देती है। बता दें, यह बात कुछ हद तक सही भी है। गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे कुछ माइक्रो न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो चीनी में नहीं होते, लेकिन यहीं पर कहानी में ट्विस्ट आता है और वह है ग्लाइसेमिक इंडेक्स।
क्या होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स?
ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक पैमाना है जो बताता है कि कोई फूड कितनी जल्दी आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है। 0 से 100 तक के इस पैमाने पर, जितना ज्यादा नंबर होगा, ब्लड शुगर उतनी ही तेजी से बढ़ेगा।
यह भी जानिए
अक्सर यह माना जाता है कि गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चीनी से कम होता है, लेकिन कई न्यूट्रिशनिस्ट रिता जैन बताती हैं कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। सफेद चीनी का लगभग 70-75 होता है, जबकि गुड़ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 80 से 85 तक हो सकता है। इसका मतलब है कि गुड़ आपके ब्लड शुगर को सफेद चीनी से भी तेजी से बढ़ा सकता है।







