
AIMIM supporters celebrate civic poll results in Maharashtra – Shah Times
निकाय चुनाव में AIMIM की बढ़त, 13 निगमों में 125 वार्ड जीते
महाराष्ट्र निकाय चुनाव: AIMIM ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत
महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में AIMIM ने 13 नगर निगमों में 125 वार्ड जीतकर अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जनता का आभार जताया और विजयी पार्षदों से विकास कार्यों पर ध्यान देने की अपील की।
नौ साल बाद हुए निकाय चुनाव
महाराष्ट्र में नौ वर्षों के अंतराल के बाद कराए गए नगर निगम चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं। 15 जनवरी को हुए मतदान में 46 से 50 प्रतिशत के बीच मतदान दर्ज किया गया। बीएमसी सहित राज्य के 29 नगर निगमों की 227 सीटों के लिए कुल 2,516 उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए।
महायुति को बंपर बहुमत
चुनाव नतीजों में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने राज्य भर में स्पष्ट बढ़त बनाई। बीएमसी में भाजपा और शिंदे गुट की शिवसेना ने कुल 118 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार किया। यह संख्या बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़े से चार सीटें अधिक रही। विपक्षी गठबंधन को बीएमसी में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
ठाकरे गुट और एमएनएस को नुकसान
बीएमसी नतीजों में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठबंधन पीछे रह गया। कई वार्डों में दोनों दलों के उम्मीदवार तीसरे या चौथे स्थान पर रहे। चुनाव परिणामों ने मुंबई की स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की ओर संकेत किया।
AIMIM का उभार
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। पार्टी ने 13 नगर निगमों में कुल 125 वार्डों में जीत हासिल की। पिछले नगर निगम चुनावों में पार्टी ने 56 वार्ड जीते थे, जिसकी तुलना में यह संख्या दोगुने से अधिक रही।
ओवैसी का बयान
नतीजों के बाद शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विजयी पार्षदों से उन्हें उम्मीद है कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। ओवैसी ने पार्षदों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने वार्डों में सक्रिय रहें और स्थानीय विकास कार्यों को प्राथमिकता दें।
24 नगर निगमों में उम्मीदवार
AIMIM ने इस चुनाव में 29 में से 24 नगर निगमों में अपने उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी का सबसे मजबूत प्रदर्शन छत्रपति संभाजीनगर में दर्ज किया गया, जहां 115 वार्डों में से 33 पर जीत मिली। इस परिणाम के बाद पार्टी नगर निगम में भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी।
प्रमुख शहरों में प्रदर्शन
छत्रपति संभाजीनगर के अलावा AIMIM ने मालेगांव में 21, नांदेड़ में 14, अमरावती में 12, धुले में 10 और सोलापुर में आठ सीटें जीतीं। नागपुर में पार्टी को सात, अहमदनगर और जालना में दो-दो, जबकि परभणी और चंद्रपुर में एक-एक वार्ड में सफलता मिली।
मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़त
मुंबई महानगर क्षेत्र में भी पार्टी को सीमित लेकिन राजनीतिक रूप से अहम लाभ मिला। मुंबई और मुंब्रा में AIMIM को पांच-पांच सीटें प्राप्त हुईं। बीएमसी में पार्टी ने कुल आठ वार्डों में जीत दर्ज की, जिससे राज्य के सबसे बड़े नगर निकाय में उसकी मौजूदगी दर्ज हुई।
पहली जीत से अब तक का सफर
AIMIM ने महाराष्ट्र में पहली बार 2012 के नांदेड़ नगर निगम चुनावों में सफलता दर्ज की थी, जब पार्टी ने 81 सदस्यीय निगम में 11 सीटें जीती थीं। यह तेलंगाना के बाहर किसी राज्य में पार्टी की पहली चुनावी जीत थी। इसके बाद पार्टी ने धीरे-धीरे अपने संगठन का विस्तार किया।
चुनाव से पहले की चुनौतियां
चुनाव से पहले AIMIM की महाराष्ट्र इकाई में आंतरिक स्तर पर चुनौतियां सामने आई थीं। मुंबई इकाई के अध्यक्ष फारूक शबदी ने मतदान से कुछ दिन पहले इस्तीफा दे दिया था। वहीं राज्य अध्यक्ष इम्तियाज जलील को सीट बंटवारे को लेकर असहमति और दबाव का सामना करना पड़ा था।
पार्टी नेताओं का प्रचार
चुनाव प्रचार के दौरान असदुद्दीन ओवैसी और तेलंगाना विधानसभा दल के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कई शहरी केंद्रों में रैलियां और जनसभाएं कीं। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी ने स्थानीय मुद्दों को सामने रखा और मतदाताओं से सीधा संवाद किया।
गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत
इस चुनाव में AIMIM के टिकट पर कई गैर-मुस्लिम उम्मीदवार भी विजयी हुए। पार्टी नेतृत्व के अनुसार, समर्थन आधार अब केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं रहा है। कुछ वार्डों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं ने भी पार्टी उम्मीदवारों को समर्थन दिया।
गुलमंडी वार्ड का उदाहरण
छत्रपति संभाजीनगर के गुलमंडी वार्ड को परंपरागत रूप से भाजपा और शिवसेना का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है। इस बार यहां चार में से दो वार्ड AIMIM के खाते में गए। यह परिणाम स्थानीय स्तर पर बदले राजनीतिक रुझान को दर्शाता है।
वारिस पठान का बयान
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने समाचार एजेंसी को बताया कि वार्ड स्तर के चुनाव बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित होते हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने उन उम्मीदवारों को चुना, जिनसे उन्हें स्थानीय स्तर पर काम की उम्मीद थी।
बीएमसी में संभावित भूमिका
बीएमसी समेत कुछ नगर निगमों में AIMIM की सीटों की संख्या ऐसी है, जहां किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। ऐसे निकायों में पार्टी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में निगमों के भीतर नेतृत्व और समितियों के गठन को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विजयी पार्षदों की प्रतिक्रिया
मुंबई के वार्ड नंबर 145 से विजयी AIMIM नेता खैरुन्निसा अकबर हुसैन ने कहा कि उनकी जीत जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान उठाए गए मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा।
मतदान प्रतिशत और प्रक्रिया
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन कुल मिलाकर प्रक्रिया सुचारु रही। सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
आगे की प्रक्रिया
चुनाव परिणामों के बाद अब सभी नगर निगमों में महापौर, उपमहापौर और स्थायी समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी नई निर्वाचित परिषदों के हाथों में जाएगी।






