
(SHAH TIMES):मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में माघ मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह दिन गंगा स्नान, मौन व्रत, और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता है। जानें इसका धार्मिक महत्व और 2025 में इसे कैसे मनाया जाएगा।
मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो माघ मास की अमावस्या को पड़ती है। यह दिन विशेष रूप से पवित्र माना जाता है, और लोग गंगा, यमुना, या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करके पुण्य प्राप्त करते हैं।
मौनी अमावस्या का महत्व:
मौन व्रत: इस दिन मौन रहने और व्रत करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि मौन रहने से मन की शुद्धि होती है और आत्मा को शांति मिलती है।
गंगा स्नान: इस दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
दान-पुण्य: इस दिन दान करने का विशेष महत्व है। खासकर अन्न, वस्त्र, और धन का दान करना शुभ माना जाता है।
कुंभ मेले में महत्व: जब कुंभ मेला चल रहा होता है, तो मौनी अमावस्या के दिन संगम (प्रयागराज) में स्नान करने का विशेष महत्व है।
मौनी अमावस्या 2025 में 28 जनवरी को मनाई जा रही है। इस दिन सूर्योदय से पहले स्नान और ध्यान करना शुभ माना जाता है।







