
Heavy police deployment in Kapsaad village, Meerut, as political leaders Akhilesh Yadav, Mayawati and Chandrashekhar Azad react to the murder and kidnapping case. — Shah Times
सरधना कपसाड़ केस में हत्या और अपहरण, पुलिस की कई टीमें सक्रिय
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में एक महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने कई टीमें बनाकर तलाश शुरू की है और गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
📍 Meerut 🗓️09 January 2026✍️ Asif Khan
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में सुबह के समय एक महिला सुनीता की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी रूबी के अपहरण की घटना दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोका। आरोप है कि इसी दौरान महिला पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसी बीच बेटी को मौके से जबरन ले जाने की सूचना मिली।
मेडिकल और अस्पताल की स्थिति
घटना के बाद सुनीता को मोदीपुरम क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजन और ग्रामीण एकत्र हो गए, जहां कुछ समय के लिए हंगामा हुआ। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए परिवार से बातचीत की।
पोस्टमार्टम को लेकर बातचीत
परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया और बेटी की बरामदगी तथा आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखी। वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ। प्रशासन ने कहा कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की जा रही हैं।
एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मुख्य आरोपी पारस राजपूत और अन्य नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पहले अपहरण और गंभीर हमले की धाराएं जोड़ी गई थीं, बाद में महिला की मौत के बाद हत्या की धाराएं भी शामिल की गईं। जांच अधिकारी के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस की टीमें और सर्च ऑपरेशन
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि आरोपी और अपहृत किशोरी की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस दल गांव और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी कर रहे हैं। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गांव में सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद कपसाड़ गांव और आसपास के क्षेत्रों में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रवेश मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और बाहरी लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
परिवार की स्थिति और मांगें
पीड़ित परिवार ने बेटी की सुरक्षित बरामदगी और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग दोहराई है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे अंतिम संस्कार से संबंधित फैसले पर विचार नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिवार से संपर्क में हैं।
राजनीतिक गतिविधियां
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी गतिविधियां बढ़ीं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर घटना पर प्रतिक्रिया दी। बसपा प्रमुख मायावती ने भी बयान जारी कर मामले को दुखद बताया। स्थानीय विधायक अतुल प्रधान ने गांव में जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश की, जहां पुलिस के साथ कुछ समय के लिए बातचीत और बहस हुई।
धरना और विरोध
शुक्रवार को कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने गांव में प्रवेश की कोशिश की, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण उन्हें रोका गया। इसके बाद अतुल प्रधान मौके पर धरने पर बैठ गए और पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति मांगी। पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सीमित आवाजाही की बात कही।
अन्य संगठनों की प्रतिक्रिया
भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने भी कपसाड़ गांव आने की घोषणा की है। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा बेटी के अपहरण और अपरहण का विरोध करने पर बेटी की माता जी हत्या की बर्बरता पूर्ण घटना पर, हत्यारों पर कार्यवाही के लिये प्रशासन के पास 24 घंटे का समय है , अगर 24 घण्टे के अंदर बेटी नहीं हुई बरामद और नहीं पकड़े गए हत्यारोपी तो मेरठ में ही डेरा डालकर बैठ जाऊंगा वापिस नहीं जाऊंगा, डीएम ऑफिस पर धरना देकर बैठूंगा, बेटी के साथ अनहोनी न कर दें आरोपी गुंडे पुलिस इस बात का ध्यान रखे।
क्या ये ही कानून का राज है मुख्यमंत्री जवाब दे, दलितों की बहन बेटियों की सुरक्षा इस सरकार में संभव नही है, हम ना सोएंगे ना सरकार को सोने देंगे, बेटी को चाहिए इंसाफ भी और आरोपियों पर कार्यवाही भी। सरकार कान खोलकर सुन ले हम अन्याय नही सहेंगे।
प्रशासन ने कहा है कि किसी भी प्रकार की सभा या प्रदर्शन के लिए कानून के अनुसार अनुमति आवश्यक होगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
घटना के समय का विवरण
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना गुरुवार सुबह लगभग आठ बजे की बताई जा रही है। सुनीता और उसकी बेटी खेत की ओर जा रही थीं, तभी रास्ते में उन्हें रोका गया। आरोप है कि इसी दौरान हमला हुआ और बच्ची को जबरन ले जाया गया।
जांच के तकनीकी पहलू
जांच टीम मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गवाहों के बयान जुटा रही है। आसपास के रास्तों और संभावित ठिकानों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि हर सूचना को सत्यापित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कानून व्यवस्था पर प्रशासन का बयान
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने मीडिया से कहा कि गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि अपहृत किशोरी की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संसाधन लगाए गए हैं।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया
कपसाड़ गांव के कई लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक अफवाहों से बचना जरूरी है। पुलिस ने भी लोगों से सहयोग की अपील की है।
आगे की प्रक्रिया
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जांच में आगे की धाराएं और साक्ष्य जोड़े जाएंगे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले को फास्ट ट्रैक आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
मीडिया और सूचना प्रवाह
प्रशासन ने मीडिया से केवल आधिकारिक जानकारी प्रसारित करने का आग्रह किया है। अफवाह या अपुष्ट सूचनाओं से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए लोगों से संयम बरतने की अपील की गई है।
निष्कर्षात्मक स्थिति
कपसाड़ गांव की घटना से क्षेत्र में चिंता और सतर्कता का माहौल है। पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं और प्रशासन का कहना है कि सभी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। पीड़ित परिवार को सहायता और सुरक्षा देने के लिए स्थानीय अधिकारी संपर्क में हैं।





