
Delhi prepares to roll out EV Policy 2.0 to curb pollution, Shah Times
नए साल में दिल्ली को मिलेगी ईवी पॉलिसी 2.0 की सौगात
📍 New Delhi ✍️ Asif Khan
देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सरकार नई ईवी पॉलिसी 2.0 लागू करने की तैयारी में है। यह पॉलिसी प्रदूषण कम करने के साथ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आर्थिक राहत देगी।
दिल्ली की हवा और बढ़ती चुनौती
देश की राजधानी इन दिनों प्रदूषण के गंभीर दौर से गुजर रही है। सर्द मौसम के साथ कोहरा, धुंध और वाहनों से निकलने वाला धुआं हवा की गुणवत्ता को लगातार प्रभावित कर रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार ट्रांसपोर्ट सेक्टर से निकलने वाला प्रदूषण कुल वायु प्रदूषण का बड़ा हिस्सा है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने साफ हवा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई ईवी पॉलिसी 2.0 लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
नई ईवी पॉलिसी 2.0 की समय-सीमा
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने जानकारी दी है कि अगले 15 से 20 दिनों के भीतर नई ईवी पॉलिसी 2.0 लागू कर दी जाएगी। नए साल के मौके पर आने वाली यह पॉलिसी मौजूदा ईवी नीति का अपडेटेड रूप होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
प्रदूषण कम करने पर फोकस
सरकार का उद्देश्य ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले 25 से 30 प्रतिशत प्रदूषण को कम करना है। इसके लिए ईवी को प्राथमिक विकल्प के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल वाहनों पर निर्भरता घटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
सब्सिडी और वित्तीय राहत
नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर प्रति किलोवाट 10,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रस्तावित है, जिसकी अधिकतम सीमा 30,000 रुपये तक हो सकती है। महिलाओं के लिए यह प्रोत्साहन अधिक रहने की संभावना है और यह करीब 36,000 रुपये तक जा सकता है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कार और अन्य ईवी पर भी इंसेंटिव दिए जाने की तैयारी है।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट
दिल्ली में ईवी खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट पहले की तरह जारी रहेगी। इस फैसले से ऑन-रोड प्राइस में सीधी कमी आएगी। सरकार का मानना है कि टैक्स राहत से ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
केंद्र सरकार का समर्थन
राज्य सब्सिडी के अलावा केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत भी टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर पर प्रति किलोवाट के हिसाब से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे दिल्ली के उपभोक्ताओं को दोहरे स्तर पर लाभ मिलने की संभावना है।
पुराने प्रयोग और नया रुख
परिवहन मंत्री के अनुसार ‘रेड लाइट ऑन, इंजन ऑफ’ जैसे प्रयोगों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इसी वजह से अब फोकस सख्त प्रवर्तन और ईवी को बढ़ावा देने पर रखा गया है। सरकार का कहना है कि बिना सख्ती के प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है।
पीयूसी और प्रवर्तन अभियान
‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान के तहत दिल्ली में एक लाख से अधिक पीयूसी केंद्र सक्रिय किए गए हैं। पिछले तीन दिनों में बॉर्डर एरिया पर तैनात टीमों ने 1,358 वाहनों के चालान काटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन अभियानों का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है।
लंबित सब्सिडी पर अपडेट
पिछले एक साल से रुकी हुई ईवी सब्सिडी को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। परिवहन विभाग के अनुसार लंबित सब्सिडी अब लाभार्थियों को मिलनी शुरू हो गई है। हालांकि अभी करीब 45 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है, जिसे जल्द जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
आगे की तैयारी
नई ईवी पॉलिसी 2.0 के साथ सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने पर काम कर रही है। सार्वजनिक और निजी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की योजना है, ताकि ईवी उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिल सके।





