
बहरीन से कतर तक अमेरिकी ठिकानों पर वार
मिडिल ईस्ट में मिसाइल लॉन्च, कई बेस निशाने
मिडिल ईस्ट में तनाव उस वक्त तेज़ हो गया जब ईरान ने ऑपरेशन फतह-ए-खैबर के तहत क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सात सैन्य अड्डों पर बैलेस्टिक मिसाइल अटैक किया। बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाए जाने की पुष्टि स्थानीय सूत्रों और आधिकारिक बयानों में की गई है। कई स्थानों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ और अलर्ट जारी किए गए। हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है।
📍Tehran ✍️ Asif Khan
ऑपरेशन फतह-ए-खैबर की शुरुआत
ईरान ने शनिवार देर रात “ऑपरेशन फतह-ए-खैबर” के नाम से एक मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया। सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते तनाव के जवाब में की गई। इस ऑपरेशन के तहत ईरान ने मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिका के सात सैन्य अड्डों को बैलेस्टिक मिसाइलों से टारगेट किया।
ईरान के डिफेंस स्पोक्सपर्सन ने बयान जारी कर कहा कि यह स्ट्राइक “डिटरेंस मैसेज” के तौर पर की गई है। हालांकि उन्होंने मिसाइलों की संख्या या सटीक लोकेशन का विस्तृत ब्यौरा साझा नहीं किया।
किन देशों में हुए हमले
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया, उनमें बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन शामिल हैं। इजराइल में भी मिसाइल लॉन्च की खबर सामने आई, लेकिन वहां का टारगेट अलग सैन्य ठिकाने बताए गए हैं।
बहरीन सरकार ने पुष्टि की कि राजधानी के नज़दीक स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के आसपास मिसाइल एक्टिविटी दर्ज की गई। बहरीन में अमेरिकी नेवी के 5th फ्लीट का हेडक्वार्टर मौजूद है। अधिकारियों ने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ऑब्जेक्ट्स को इंटरसेप्ट किया।
कतर में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस के आसपास भी धमाकों की आवाज़ सुनी गई। वहां की अथॉरिटीज़ ने एहतियातन पब्लिक से घरों में रहने और अलर्ट का पालन करने की अपील की।
सऊदी और यूएई में अलर्ट
सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में मौजूद अमेरिकी सपोर्ट फैसिलिटी के पास भी मिसाइल अलर्ट जारी किया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव रहा और कुछ प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
यूएई में डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि “संभावित थ्रेट” को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा स्तर बढ़ाया गया है। अबू धाबी के पास स्थित सैन्य बेस पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया।
जॉर्डन और कुवैत की प्रतिक्रिया
जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री प्रेज़ेंस सीमित है, लेकिन वहां भी एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद किया गया। कुवैत ने अपने नागरिकों को सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए और सभी सैन्य स्थलों पर रेड अलर्ट लागू किया।
कुवैत के डिफेंस ऑफिसियल ने कहा कि स्थिति कंट्रोल में है और किसी बड़े कैज़ुअल्टी की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।
मिसाइलों का प्रकार और डिफेंस रिस्पॉन्स
डिफेंस एनालिस्ट्स के अनुसार हमले में शॉर्ट और मीडियम रेंज बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। कई देशों ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए थे, जिनमें पैट्रियट और अन्य इंटरसेप्टर सिस्टम शामिल बताए जा रहे हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं, जबकि कुछ ने लक्षित इलाकों के आसपास गिरकर सीमित नुकसान पहुंचाया।
कैज़ुअल्टी और डैमेज की स्थिति
अब तक किसी बड़े पैमाने पर जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट ने बयान जारी कर कहा कि वे स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सभी कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बहरीन से सामने आई कुछ तस्वीरों में धुएं के गुबार और जलते ढांचे दिखाई दिए, लेकिन आधिकारिक डैमेज असेसमेंट जारी नहीं हुआ है।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। कई देशों ने बयान जारी कर तनाव कम करने और डायलॉग के जरिए मसले सुलझाने की बात कही है।
अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर स्थिति का आकलन कर रहा है और उचित कदम उठाए जाएंगे। हालांकि किसी तत्काल जवाबी कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
एयर ट्रैफिक और पब्लिक एडवाइजरी
हमलों के बाद कई देशों ने अस्थायी रूप से एयरस्पेस बंद किया। फ्लाइट ऑपरेशंस पर असर पड़ा और कुछ इंटरनेशनल रूट डायवर्ट किए गए। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है।
कतर में अमेरिकी एंबेसी ने अपने नागरिकों को ईमेल अलर्ट जारी कर बंकर या सुरक्षित ठिकानों पर जाने की सलाह दी।
तनाव की पृष्ठभूमि
पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ था। इजराइल और ईरान के बीच बयानबाज़ी तेज़ थी। अमेरिका की मिलिट्री प्रेज़ेंस को लेकर भी ईरान ने पहले चेतावनी दी थी। इसी क्रम में यह ऑपरेशन सामने आया है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आगे की रणनीति क्या होगी। सभी देश हाई अलर्ट पर हैं और हालात पर नज़र रखे हुए हैं।
वर्तमान स्थिति
रविवार सुबह तक स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। डिफेंस अथॉरिटीज़ डैमेज असेसमेंट और सिक्योरिटी रिव्यू में जुटी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब संभावित डिप्लोमैटिक पहल और आगे की सैन्य गतिविधियों पर टिकी हैं।
शाह टाइम्स लगातार इस विकसित होती स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही जानकारी साझा कर रहा है।




