
मुज़फ़्फरनगर पुलिस व नागरिकों ने एकता की दौड़ में भाग लेकर राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत का संदेश दिया।
मुज़फ़्फरनगर में “रन फॉर यूनिटी” आयोजन से एकता का संदेश
पुलिस व आम जनता ने मिलकर दौड़ लगाई, सरदार पटेल को श्रद्धांजलि
📍 मुज़फ़्फरनगर🗓️ 31.10.2025 ✍️ Asif Khan
मुज़फ़्फरनगर में आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर पुलिस लाइन में “रन फॉर यूनिटी” का भव्य आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों, जवानों, स्कूली विद्यार्थियों और आम नागरिकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और अखण्ड भारत की भावना को सशक्त बनाना रहा।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर मुज़फ़्फरनगर पुलिस का प्रेरणादायक कार्यक्रम
आज की यह दौड़ केवल एक खेलकूद कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि एक विचार का प्रतीक थी — “एकता में शक्ति”। मुज़फ़्फरनगर जैसे विविधता से भरे जनपद में, जहाँ समाज कई रंगों से बुना है, यह आयोजन एक खूबसूरत संदेश लेकर आया — कि जब हम साथ दौड़ते हैं, तो समाज में दूरी नहीं, नज़दीकियाँ बढ़ती हैं।
उद्देश्य और संदर्भ
इस “रन फॉर यूनिटी” का मूल मक़सद था –
देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना जगाना।
समाज में आपसी सद्भाव और भरोसे को मजबूत करना।
पुलिस और जनता के बीच एक सकारात्मक संवाद बनाना।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया। दौड़ रिज़र्व पुलिस लाइन से शुरू होकर मालवीय चौक, झांसी की रानी चौक से होते हुए शिव चौक पर समाप्त हुई।
पूरा माहौल “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”, “सरदार पटेल अमर रहें”, “एकता का संकल्प हमारा” जैसे नारों से गूंज उठा।







सामाजिक भागीदारी का संदेश
इस दौड़ में पुलिस अधिकारियों के साथ नागरिकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। यह एक दृश्य था जो यह बताता है कि एकता सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सामूहिक ज़िम्मेदारी है।
नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रतिभागियों को फल वितरित किए और सभी को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
आलोचनात्मक दृष्टि
सवाल यह भी उठता है कि क्या ऐसी पहल केवल प्रतीकात्मक हैं या इनमें दीर्घकालिक बदलाव की संभावना है?
एक दिन की दौड़ से संदेश तो जाता है, लेकिन अगर यही भावना पूरे साल सामाजिक गतिविधियों में उतारी जाए, तभी असल बदलाव संभव है।
फिर भी, इस आयोजन ने यह दिखाया कि पुलिस अब केवल अनुशासन की प्रतीक नहीं, बल्कि समाज की साझी आत्मा का हिस्सा भी है।
राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ
कार्यक्रम के बाद पुलिस कार्यालय में “राष्ट्रीय एकता दिवस” के अवसर पर सभी पुलिस कर्मियों को राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार पटेल ने जिस अदम्य साहस और दूरदर्शिता से देश को एक सूत्र में पिरोया, वही हमारी प्रेरणा होनी चाहिए।
स्थानीय महत्व
मुज़फ़्फरनगर, जो कभी साम्प्रदायिक तनावों का प्रतीक माना गया था, आज “रन फॉर यूनिटी” जैसी पहल से एकता और सद्भाव का संदेश दे रहा है।
यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि संवाद, सहयोग और साझेदारी के जरिये हर शहर अपनी छवि बदल सकता है।
भविष्य की दिशा
अगर पुलिस और नागरिक इस साझेदारी को आगे भी निभाएँ — जैसे सामुदायिक खेल, सांस्कृतिक संवाद और स्थानीय एकता कार्यक्रम — तो यह दौड़ सिर्फ आज की याद नहीं, कल का रास्ता बन जाएगी।






