
Akhilesh Yadav strongly criticizes the Waqf Amendment Bill in Lok Sabha, calls it BJP’s communal agenda
“समाजवादी पार्टी ने किया वक्फ बिल का विरोध, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप”
“समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करते हुए इसे भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला है और देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को नुकसान पहुंचाएगा।“
नई दिल्ली, (Shah Times)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस बिल को भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति का नया रूप बताया और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इसे लाई है। अखिलेश यादव ने कहा कि वक्फ बिल में मुसलमान समाज की राय को शामिल नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह बिल उनके हित में नहीं है।
देश की सेकुलर छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बिल
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बिल से भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को गहरा धक्का लगेगा और वैश्विक स्तर पर गलत संदेश जाएगा। उन्होंने इसे भाजपा की नफरत की राजनीति का एक और अध्याय बताते हुए कहा कि यह बिल भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से हानिकारक साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई सहयोगी दल भी अंदरखाने इस बिल से असहमत हैं।
समाजवादी पार्टी का स्पष्ट विरोध
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी इस बिल के खिलाफ है और अगर मतदान हुआ तो उनकी पार्टी इसके खिलाफ वोट डालेगी। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ जाने का आरोप लगाया और कहा कि यह बिल देश के करोड़ों लोगों से उनके घर और व्यवसायिक संपत्तियां छीनने की साजिश है।
भाजपा की राजनीतिक रणनीति पर निशाना
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार वक्फ की जमीनों पर नियंत्रण हासिल कर अपने समर्थकों को लाभ पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस बिल के जरिए भाजपा एक राजनीतिक ध्रुवीकरण की रणनीति अपना रही है, ताकि अल्पसंख्यक समाज में असंतोष फैलाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम भाजपा की गिरती लोकप्रियता को संभालने के लिए उठाया गया है।
वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा की मांग
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार गारंटी दे कि वक्फ की जमीन कभी बेची नहीं जाएगी और किसी अन्य मकसद के लिए उपयोग में नहीं लाई जाएगी। उन्होंने वक्फ परिषद और बोर्ड में बाहरी लोगों को शामिल करने का भी विरोध किया और कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है।
लखनऊ ईदगाह विवाद पर प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव ने लखनऊ ईदगाह में जाने पर लगी पाबंदी को भी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों पुरानी परंपरा को तोड़कर इस बार ईदगाह जाने से रोका गया, जिससे भाजपा की अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता उजागर होती है।
भाजपा सरकार की विफलताओं पर सवाल
उन्होंने नोटबंदी की असफलता, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय में बढ़ोतरी न होने और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की धीमी प्रगति का हवाला देते हुए भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की गलत नीतियों के कारण जनता का उस पर से विश्वास उठता जा रहा है।
अखिलेश यादव के अनुसार, वक्फ संशोधन बिल भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का हिस्सा है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विपक्षी दलों से इस बिल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की और कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।