
सुभारती विश्वविद्यालय में नवजात देखभाल संगोष्ठी व पुस्तक प्रदर्शनी
📍 Meerut ✍️ Asif Khan
सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ में नवजात शिशु देखभाल पर संगोष्ठी आयोजित हुई।
साथ ही स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ।
स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के अंतर्गत पन्ना धाय माँ सुभारती नर्सिंग कॉलेज में आवश्यक नवजात शिशु देखभाल विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मक़सद नवजात बच्चों की सेहत से जुड़ी ताज़ा जानकारी, clinical skills और community level पर सुरक्षित सेवाओं को मज़बूत करना रहा। संगोष्ठी में नर्सिंग स्टाफ और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसमें डॉ. महक, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहटा, मेरठ, डॉ. गीता परवंदा, सचिव, सोसाइटी ऑफ मिडवाइव्स इंडिया, उत्तर प्रदेश अध्याय एवं प्राचार्या, पन्ना धाय माँ सुभारती नर्सिंग कॉलेज, डॉ. पुलक, वरिष्ठ रेजिडेंट, चतुर्थ चरण सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेरठ, तथा अन्य अतिथियों की उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया।
विशेषज्ञों के वक्तव्य
मुख्य वक्ता डॉ. गीता परवंदा ने नवजात शिशुओं में illness की early पहचान और timely referral पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि standardized guidelines के पालन से neonatal mortality में कमी लाई जा सकती है।
डॉ. पुलक ने community setting में सुरक्षित और evidence-based newborn care practices पर अपना सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर सही training और monitoring से बेहतर परिणाम मिलते हैं।
व्यवहारिक प्रदर्शन और सत्र
असिस्टेंट प्रोफेसर कोमल सक्सेना द्वारा आवश्यक नवजात शिशु देखभाल का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान temperature maintenance, feeding techniques और infection prevention से जुड़े पहलुओं को समझाया गया।
हिमालय वेलनेस कंपनी के प्रतिनिधि ने infant care products की quality और safety standards पर एक जानकारीपरक सत्र लिया।



छात्रों की सहभागिता
सामान्य नर्सिंग एवं मिडवाइफरी अंतिम वर्ष के छात्रों ने नवजात शिशु देखभाल पर आधारित role play प्रस्तुत किया। इसमें real-life scenarios को दर्शाया गया, जिससे practical understanding को बढ़ावा मिला। कार्यक्रम में कुल 105 सहायक नर्स एवं मिडवाइफ ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में डॉ. (प्रो.) अम्ब्ली, विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन डॉ. (प्रो.) अम्ब्ली, असिस्टेंट प्रोफेसर कोमल सक्सेना, असिस्टेंट प्रोफेसर सौम्या और ट्यूटर कविता द्वारा प्राचार्या डॉ. गीता परवंदा के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
स्वामी विवेकानंद पर दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी
इसी क्रम में विश्वविद्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद शोध पीठ द्वारा रामकृष्ण मठ, पुणे के सहयोग से स्वामी विवेकानंद के जीवन, दर्शन और साहित्यिक योगदान पर आधारित दो दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों को भारत की intellectual और spiritual heritage से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की गई।
उद्घाटन समारोह
पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रख्यात फिल्म निर्देशक श्री अमलान कुसुम घोष, कोलकाता और विश्वविद्यालय के कुलसचिव, सेवानिवृत्त समूह कप्तान एम. याकूब द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। रामकृष्ण मठ, पुणे के पुस्तकालय सहायक श्री विवेक नवाले की उपस्थिति ने आयोजन को शैक्षणिक गरिमा प्रदान की।
प्रतिमा पर पुष्पार्पण
उद्घाटन समारोह की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पार्पण और माल्यार्पण से हुई। इसके बाद फीता काटकर प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विभिन्न संकायों के शिक्षक और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी की विशेषताएँ
पुस्तक प्रदर्शनी में स्वामी विवेकानंद के मौलिक ग्रंथ, वेदांत दर्शन पर आधारित explanatory works, जीवनियाँ और उनके विचारों से प्रेरित contemporary literature को प्रदर्शित किया गया। पुस्तकों का चयन और प्रस्तुति सुव्यवस्थित रही, जिससे पाठकों को विषय की गहराई से जानकारी मिल सके।
विद्यार्थियों की भागीदारी
विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने पुस्तकों में रुचि दिखाई और स्वामी विवेकानंद के विचारों से जुड़े सवाल भी पूछे।
समन्वय और मार्गदर्शन
इस आयोजन का सफल समन्वय प्रो. (डॉ.) मोनिका मेहरोत्रा, प्रोफेसर एवं संयोजिका, स्वामी विवेकानंद शोध पीठ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्हें डॉ. अजय कुमार वर्मा का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए learning और reflection का अवसर प्रदान करती है।







